मध्यस्थता से लंबित मामलों का तेज निपटारा: सिमडेगा में 'राष्ट्र के लिए मध्यस्थता 2.0' अभियान की समीक्षा बैठक

मध्यस्थता से लंबित मामलों का तेज निपटारा: सिमडेगा में ‘राष्ट्र के लिए मध्यस्थता 2.0’ अभियान की समीक्षा बैठक

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शंभू कुमार सिंह 

सिमडेगा : न्याय तक सुलभ पहुंच सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के तत्वावधान में चल रहे ‘राष्ट्र के लिए मध्यस्थता 2.0’ विशेष अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने हेतु जिला स्तर पर सक्रिय प्रयास जारी हैं। इस अभियान के तहत लंबित मामलों को मध्यस्थता के माध्यम से आपसी सहमति से त्वरित, सरल और कम खर्च में निपटाने पर जोर दिया जा रहा है।

अभियान 2 जनवरी 2026 से शुरू होकर 31 मार्च 2026 तक चलेगा। मंगलवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पीडीजे) सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार अध्यक्ष राजीव कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में न्यायिक पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अभियान की रूपरेखा, उद्देश्यों और व्यावहारिक क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा हुई।

पीडीजे राजीव कुमार सिन्हा ने बैठक में कहा, “मध्यस्थता योग्य मामलों की शीघ्र पहचान कर उन्हें आपसी सहमति से निपटाया जाए, ताकि आम लोगों को जल्द न्याय मिले और न्यायालयों पर लंबित मामलों का बोझ कम हो।” उन्होंने जोर दिया कि मध्यस्थता समय, धन और संबंधों की रक्षा करने का सबसे सशक्त माध्यम है।

अभियान के अंतर्गत वैवाहिक विवाद, सड़क दुर्घटना दावा मामले, घरेलू हिंसा, चेक बाउंस वाणिज्यिक विवाद, सेवा संबंधी मामले, समझौता योग्य आपराधिक।प्रकरण, उपभोक्ता विवाद, ऋण वसूली, संपत्ति विभाजन, बेदखली, भूमि अधिग्रहण सहित अन्य मध्यस्थता योग्य दीवानी मामले शामिल हैं।

न्यायालयों को निर्देश दिए गए हैं कि अपनी कारण सूची से ऐसे मामलों को चिन्हित कर विशेष रूप से मध्यस्थता के लिए भेजें। पक्षकारों की सुविधा के लिए सप्ताह के सातों दिन मध्यस्थता सत्र आयोजित किए जाएंगे, जो ऑफलाइन, ऑनलाइन या हाइब्रिड मोड में हो सकते हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा ऑनलाइन मध्यस्थता की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे दूर-दराज के क्षेत्रों के लोग भी आसानी से लाभ उठा सकें।

बैठक में एडीजे नरंजन सिंह, सीजेएम निताशा बारला, जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव मरियम हेमरोम, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी सुभाष बाड़ा, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामप्रीत प्रसाद, सचिव प्रद्युम्न सिंह, अधिवक्ता कोमल दास, संजय महतो, शकील अहमद सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

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