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झारखंड नगर निकाय चुनाव 2026: काउंटडाउन शुरू, 8 जनवरी को आयोग की अहम बैठक

झारखंड नगर निकाय चुनाव 2026: काउंटडाउन शुरू, 8 जनवरी को आयोग की अहम बैठक

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रांची, 02 जनवरी : झारखंड में वर्षों से लंबित नगर निकाय चुनावों की सरगर्मी तेज हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव तैयारियों की समीक्षा के लिए 8 जनवरी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस बैठक में राज्य के सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नर (DC), सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (SP), नगर विकास सचिव, डीजीपी, गृह सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।

राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने बताया कि चुनाव घोषणा से पहले ऐसी समीक्षा बैठकें कई बार आयोजित की जाती हैं। 8 जनवरी की बैठक पहली बड़ी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग होगी, जिसमें चुनाव तैयारियां, सुरक्षा बलों की तैनाती, मतदान केंद्रों की व्यवस्था और अन्य बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, जनवरी के तीसरे सप्ताह में चुनाव तारीखों की घोषणा हो सकती है और मतदान फरवरी-मार्च 2026 में संभव है।

इन 48 निकायों में होंगे चुनावचुनाव कुल 48 शहरी निकायों में कराए जाएंगे,जिनमें शामिल हैं:

नगर निगम (9):रांची, हजारीबाग, मेदिनीनगर, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, चास, आदित्यपुर, मानगो।

नगर परिषद (20):गढ़वा, विश्रामपुर, चाईबासा, झुमरी तिलैया, चक्रधरपुर, चतरा, चिरकुंडा, दुमका, पाकुड़, गोड्डा, गुमला, जुगसलाई, कपाली, लोहरदगा, सिमडेगा, मधुपुर, रामगढ़, साहिबगंज, फुसरो, मिहिजाम।

नगर पंचायत (19):बंशीधर नगर, मझिआंव, हुसैनाबाद, हरिहरगंज, छतरपुर, लातेहार, कोडरमा, डोमचांच, बड़की सरैया, धनवार, महगामा, राजमहल, बरहरवा, बासुकीनाथ, जामताड़ा, बुंडू, खूंटी, सरायकेला, चाकुलिया।

खास बातें:

मतदान बैलेट पेपर से: पहली बार ईवीएम की जगह बैलेट पेपर का इस्तेमाल होगा। अलग-अलग पदों के लिए अलग रंग के मतपत्र होंगे।

चुनाव चिह्न:

आयोग ने 150 मुक्त चुनाव चिह्न फाइनल कर दिए हैं, जो तीन श्रेणियों में बांटे गए हैं।
राजनीतिक हलचल: भाजपा ने चुनाव में देरी और गैर-दलीय आधार पर विरोध जताते हुए 5 जनवरी से निकाय घेराव का ऐलान किया है। पार्टी दलीय चुनाव और ईवीएम की मांग कर रही है।

ओबीसी आरक्षण और अन्य मुद्दों से कई वर्षों से अटके इन चुनावों से शहरी क्षेत्रों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की वापसी होगी। जैसे ही आधिकारिक अधिसूचना जारी होगी, राजनीतिक दलों की सक्रियता और बढ़ जाएगी।

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