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स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का वायरल वीडियो फिर विवादों में, मौलाना को ‘बाहर बैठाने’ के बयान पर भेदभाव के आरोप :-देखे वीडियो

झारखंड: स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का वायरल वीडियो फिर विवादों में, मौलाना को ‘बाहर बैठाने’ के बयान पर भेदभाव के आरोप

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रांची, : झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी एक बार फिर विवादों के केंद्र में हैं। सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे कथित तौर पर अपने आवास पर आए एक मौलाना के बारे में कहते सुनाई दे रहे हैं— “मौलाना को बाहर निकालो (या बैठाओ), मेरे आदिवासी भाई को अंदर बैठने दो और चाय पिलाओ।”वीडियो में मंत्री को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि मौलाना मदद मांगने आए हैं, इसलिए उन्हें बाहर बैठाया जाए, जबकि आदिवासी कार्यकर्ता को अंदर बुलाकर सम्मान दिया जाए। इस बयान को कई यूजर्स ने धार्मिक भेदभाव और मुस्लिम समुदाय के अपमान के रूप में देखा है।

विवाद कैसे बढ़ा?

वीडियो जनवरी 2026 की शुरुआत में वायरल हुआ।
कुछ यूजर्स ने इसे मंत्री की “मानसिकता” का प्रमाण बताया, जबकि अन्य ने आदिवासी सम्मान को सकारात्मक बताया लेकिन मौलाना वाले हिस्से की आलोचना की।

मंत्री के पिछले विवादित बयानों (जैसे आदिवासी संबंधी टिप्पणियां) की याद दिलाते हुए इसे जोड़ा जा रहा है।

मंत्री की सफाई

विवाद बढ़ने पर इरफान अंसारी ने खुद लाइव आकर स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। उनका इरादा किसी धर्म या समुदाय का अपमान करने का नहीं था। वे बोले: “हम लोगों का अपना मौलाना है, वे हमारे सम्माननीय हैं। मेरे बयान को गलत तरीके से फैलाया जा रहा है।”मंत्री ने आगे जोड़ा कि वे सामाजिक सौहार्द और सभी समुदायों के सम्मान में विश्वास रखते हैं। आदिवासी समाज के प्रति सम्मान दिखाने के क्रम में कही गई बात को जानबूझकर विवाद बनाया जा रहा है। उन्होंने जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की और झारखंड की भाईचारे की परंपरा को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई।

 

 

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