झारखंड विधानसभा बजट सत्र 2026: आज दूसरे दिन प्रश्नकाल और राज्यपाल अभिभाषण पर वाद-विवाद
रांची : झारखंड विधानसभा का बजट सत्र 2026 18 फरवरी से शुरू होकर 19 मार्च तक चलेगा। इस दौरान कुल 17 कार्य दिवस निर्धारित किए गए हैं, जिसमें विकास, जनहित, बजट और राज्य की नीतियों पर व्यापक चर्चा होगी। आज गुरुवार को सत्र का दूसरा दिन है, जो विधायकों और सरकार के लिए काफी अहम साबित हो रहा है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!प्रथम पाली में प्रश्नकाल आयोजित किया जा रहा है। इसमें विधायकों के अल्पसूचित (Short Notice) और तारांकित प्रश्नों (Starred Questions) पर चर्चा हो रही है। सरकार इन सवालों के विस्तृत उत्तर दे रही है। साथ ही सदन में शून्यकाल की सूचनाएं भी ली जा रही हैं, जहां सदस्य महत्वपूर्ण मुद्दों को तुरंत उठा सकते हैं।
दूसरी पाली में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया जाएगा, जिसके बाद वाद-विवाद शुरू होगा। राज्यपाल ने पहले दिन अपने अभिभाषण में सरकार की उपलब्धियों, निवेश, आदिवासी कल्याण और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर जोर दिया था। अब सदन में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच इस पर तीखी बहस होने की संभावना है।
यह सत्र विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि 24 फरवरी को वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर 2026-27 का ‘अबुआ दिशोम’ बजट सदन में पेश करेंगे। साथ ही तीसरा अनुपूरक बजट भी चर्चा के लिए आएगा। इस बार विधानसभा की कार्यवाही डिजिटल और पेपरलेस तरीके से हो रही है, जो पारदर्शिता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम है।
विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो ने सभी दलों से सहयोग की अपील की है ताकि सत्र सुचारू रूप से चले। विपक्षी दल सरकार पर सवाल उठाने की तैयारी में हैं, जबकि सत्ता पक्ष अपनी योजनाओं और उपलब्धियों को हाइलाइट करेगा।

















