चैती दुर्गा पूजा समिति सिमडेगा: अभय विश्वकर्मा बने नए अध्यक्ष, भव्य आयोजन की तैयारी

चैती दुर्गा पूजा समिति सिमडेगा: अभय विश्वकर्मा बने नए अध्यक्ष, भव्य आयोजन की तैयारी

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शंभू कुमार सिंह

सिमडेगा : सलडेगा स्थित श्री देवी गुड़ी मंदिर परिसर में चैती दुर्गा पूजा समिति की महत्वपूर्ण आम बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी चैती दुर्गा पूजा को भव्य, सुव्यवस्थित और पूर्णतः वैदिक संस्कृति के अनुरूप संपन्न कराने पर विस्तृत चर्चा हुई। सदस्यों ने सर्वसम्मति से समिति का पुनर्गठन किया, जिसमें अभय विश्वकर्मा को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई।

समिति के संरक्षक मंडल में बद्रीनाथ वर्मा, अखिलेश सिंह, लहरू सिंह, देवेंद्र चौधरी, मनोज सिंह, रमेश महतो, जय प्रकाश कुमार, शिवशंकर राम, राजू सिंह और विनोद कुमार साहू को शामिल किया गया है।

नए पदाधिकारी इस प्रकार हैं:

– अध्यक्ष: अभय विश्वकर्मा
– उपाध्यक्ष: जगदीश सिंह, निरंजन प्रसाद, नवीन सिंह, अजय वर्मा
– सचिव: राकेश कुमार चंचल
– सह-सचिव: संदीप महतो, विष्णु हजाम, प्रेमजीत महतो
– कोषाध्यक्ष: अशोक कुमार महतो
– उप-कोषाध्यक्ष: विक्रम महतो
– संगठन मंत्री: आनंद जायसवाल, इंद्रदेव प्रसाद, कृष्णा भारती, अखिलेश प्रसाद
– प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी:** तरुण कुमार, मुरारी प्रसाद
– मुख्य सलाहकार: अरुण सिंह (जिन्हें दो दशकों से अधिक समय से चैती दुर्गा पूजा समिति गठन और पूजा आयोजन का प्रमुख श्रेय प्राप्त है)

कार्यकारिणी सदस्यों में नागेंद्र पाठक, दिलीप महतो, गणेश महतो, अरविंद श्रीवास्तव, राजेंद्र महतो, रंजीत महतो, मिथुन सिंह, अमित केसरी, लक्ष्मी प्रसाद, मितेश सिंह, संतोष प्रसाद, रोहित महतो, शिवम महतो, राजकुमार, राजा ठाकुर, महाबीर और नंदलाल महतो शामिल हैं।

इसके अलावा आलोक सिंह, हरि कुमार, पंकज महतो, विशाल ठाकुर, विनय वर्मा, रोहित सिंह, अमित महतो, सूरज महतो, पुष्पकांत शर्मा, कलेश महतो, दीपु गुप्ता, विवेक सिंह, संतोष महतो, भोला महतो सहित अन्य कई सदस्यों को समिति में शामिल किया गया है।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी चैती दुर्गा पूजा को पारंपरिक रीति-रिवाजों, धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। पूजा पंडाल की आकर्षक सजावट, प्रतिमा निर्माण, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

नए अध्यक्ष अभय विश्वकर्मा ने सभी सदस्यों से एकजुट होकर जिम्मेदारी से कार्य करने और पूजा को सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह पूजा न केवल धार्मिक महत्व की है, बल्कि समुदाय की एकता और सांस्कृतिक धरोहर को मजबूत करने का अवसर भी है।

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