Budget 2023 :-बजट सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान हंगामा:BJP ने कहा- स्कूलों में शिक्षक-बिल्डिंग नहीं; RJD बोली- अडानी से मांग लीजिए
Budget 2023
Drishti Now Ranchi
राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर के अभिभाषण के साथ आज से बिहार विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत हो गई है। राज्यपाल अपने अभिभाषण में बिहार सरकार की उपलब्धियां गिनाई। राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सरकार निरंतर काम कर रही है। इस पर बीजेपी विधायकों ने ये कहते हुए हंगामा शुरू कर दिया कि स्कूलों में शिक्षक और बिल्डिंग नहीं है। RJD ने जवाब दिया कि अडानी से मांग लीजिए। एमएलसी मुन्नी देवी ने कहा जाइए मोदी के सामने कटोरा लेकर भीख मांगिए। सदन में जय भीम के नारे भी लगे।
बीजेपी विधायक भागीरथी देवी और आरजेडी एमएलए रेखा देवी में तू तू मैं मैं हुई। भागीरथी देवी ने कहा कि वो भाजापा को अटर पटर बोल रही थी।
वित्त मंत्री विजय चौधरी ने बिहार आर्थिक सर्वेक्षण 2022-23 को सदन पटल पर रखा।

अब जानिए राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में क्या कहा
राज्यपाल ने कहा कि बिहार सरकार जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। निगरानी के लिए कई निगरानी कोषांग का गठन किया गया है। शराबबंदी को लेकर सशक्त अभियान चलाया जा रहा है।
कोरोना में आम लोगों के साथ राज्य सरकार रही है। बिहार में सघन कोविड जांच कराया गया, तभी बिहार में कंट्रोल किया गया है। अभी तक 13 हजार 600 कोरोना मृतक को अनुदान दिया जा चुका है।
राज्यपाल ने कहा कि न्याय के साथ विकास किया जा रहा है। सात निश्चय के तहत कई योजना सफलता पूर्वक चलाई जा रही है। नाली गली पर राज्यपाल के अभिभाषण पर विपक्ष भाजपा ने हंगामा किया। आज ही बिहार का आर्थिक सर्वेक्षण भी पेश कर दिया जाएगा।
यह बजट सत्र 5 अप्रैल तक चलेगा। इसमें कल यानी 28 फरवरी को बिहार का बजट पेश किया जाएगा। आज बिहार विधानसभा और बिहार विधान की संयुक्त बैठक होगी।

बजट सत्र में 22 बैठकें होंगी
बजट सत्र में 22 बैठकें आयोजित की गई हैं। पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण होगा। राज्यपाल के अभिभाषण पर 2 दिन वाद विवाद होगा। 2023-24 के बजट पर सामान्य विमर्श 2 दिन तक चलेगा। इसके अलावा 2022-23 के तृतीय अनुपूरक बजट व्यस्थापन के लिए एक दिन रखा गया है।
इसके बाद वित्तीय वर्ष 2023-24 के आय-व्यय अनुदान की मांगों पर वाद विवाद और विनियोग विधेयक 12 दिन पेश किए जाएंगे। इन 12 दिनों में अलग-अलग विभागों के बजट भी पेश किए जाएंगे।
बिहार विधानसभा में राजकीय विधायक और अन्य राजकीय कार्यों के लिए 2 दिन रखा गया है। गैर सरकारी सदस्यों के कार्य यानी कि गैर सरकारी संकल्प के लिए 2 दिन का समय रखा गया है। फरवरी से लेकर अप्रैल तक चलने वाले इस बजट सत्र में 16 दिन अवकाश रहेगा। जिसमें होली, रामवनमी से लेकर कई त्योहार शामिल हैं।

विकास में बड़ी भूमिका
बिहार राज्य के बजट का आकार साल 2021-22 में दो लाख 18 हजार 302 करोड़ 70 लाख रुपए था, जो वर्ष 2022-23 में बढ़कर दो लाख 37 हजार, 691 करोड़ 19 लाख रुपए हो गया था।
बिहार सरकार ने 2022-23 में 6 सूत्रों का बजट पेश किया था, ये 6 सूत्र मानव जीवन से जुड़े हुए थे और बताया गया था कि विकास में इसकी बड़ी भूमिका होगी।
स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग में निवेश, कृषि और संबंधित क्षेत्र, आधारभूत संरचना ग्रामीण एवं शहरी, विभिन्न वर्गों का कल्याण। इन 6 सूत्रों के क्रियान्वयन पर ही 2022-23 में फोकस किया गया था। पिछली बार भाजपा कोटे के वित्त मंत्री सह उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने बजट पेश किया था। इस बार वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी बजट पेश करेंगे।

















