झामुमो ने लगाया रांची मेयर चुनाव में आचार संहिता उल्लंघन का गंभीर आरोप: सांप्रदायिक प्रचार और दलीय चिन्हों के इस्तेमाल का इल्ज़ाम
रांची : झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने रांची नगर निगम के मेयर चुनाव में आदर्श आचार संहिता के बड़े उल्लंघन का आरोप लगाते हुए राज्य निर्वाचन आयोग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। पार्टी के केंद्रीय महासचिव एवं प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने आज पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह दावा किया कि चुनाव गैर-दलीय आधार पर होने के बावजूद कुछ राजनीतिक दल खुलेआम दलीय प्रचार कर रहे हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!भट्टाचार्य ने कहा, “नगर निकाय चुनाव दलीय आधार पर नहीं हो रहे हैं, लेकिन कुछ राजनीतिक दल अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को खुलकर चुनावी मैदान में उतार रहे हैं। एक मेयर प्रत्याशी के पोस्टरों और प्रचार सामग्री में सांप्रदायिक तत्वों का जिक्र किया जा रहा है, साथ ही बड़े नेताओं के चेहरे और पार्टी चुनाव चिन्ह भी लगाए जा रहे हैं, जो स्पष्ट रूप से आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है।”
उन्होंने आगे बताया कि आचार संहिता के नियमों के अनुसार, प्रत्याशी के पोस्टर में केवल उम्मीदवार का ही फोटो होना चाहिए, लेकिन झामुमो को छोड़कर अन्य दल इस नियम की अनदेखी कर रहे हैं। भट्टाचार्य ने कहा, “हमने अब तक संयम बरता है, क्योंकि झामुमो नहीं चाहता कि आचार संहिता का उल्लंघन हो, लेकिन स्थिति अब गंभीर हो गई है।”
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने विधानसभा सत्र शुरू होने और कुछ ही दिनों में शहर की सरकार चुनने की प्रक्रिया का हवाला देते हुए कहा कि चुनावी माहौल में नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जा सकती। उन्होंने राज्य निर्वाचन आयोग से इस मामले में संज्ञान लेने और उचित कार्रवाई करने की अपील की।
सुप्रियो भट्टाचार्य ने राजधानी रांची के व्यापारी वर्ग और आम जनता से अपील करते हुए कहा, “मतदान करते समय सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और नगर विकास से जुड़े कार्यों को ध्यान में रखें। नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत में बेहतर विकास के लिए सही और योग्य प्रतिनिधि का चयन जरूरी है।”

















