जेएसएससी सीजीएल पेपर लीक मामला : बाबूलाल मरांडी का हेमंत सरकार पर तीखा हमला, CBI जांच की मांग
रांची : झारखंड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने जेएसएससी सीजीएल परीक्षा पेपर लीक कांड में मुख्य आरोपी विनय साह की उत्तर प्रदेश एसटीएफ द्वारा गिरफ्तारी के बाद राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर करारा हमला बोला है। मरांडी ने इसे राज्य पुलिस और सरकार की विफलता करार देते हुए कई गंभीर सवाल उठाए और पूरे मामले की CBI जांच की मांग की है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बाबूलाल मरांडी ने कहा, “विनय साह की गिरफ्तारी कई गंभीर सवाल खड़े करती है। जो काम झारखंड पुलिस, पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता और सरकार के दबाव में एक साल तक नहीं कर पाई, वह काम योगी आदित्यनाथ की यूपी पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने कर दिखाया।”
उठाए गए प्रमुख सवाल :
1. विनय साह की गिरफ्तारी हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई खत्म होने के ठीक बाद क्यों हुई?
2. क्या झारखंड पुलिस का खुफिया तंत्र इतना कमजोर है कि एक साल से आरोपी को नहीं पकड़ पा रही थी?
3. इस मामले का मास्टरमाइंड अनीश अभी भी फरार है। सूत्रों के हवाले से पक्की जानकारी है कि पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता ने मोटी रकम लेकर अनीश की गिरफ्तारी अब तक टाली, ताकि डिजिटल साक्ष्य नष्ट किए जा सकें।
4. नेपाल, रांची, हजारीबाग व मंत्री रेजिडेंसी आदि जगहों पर प्रश्न रटवाने वाले छात्रों के स्वीकारोक्ति बयान CID द्वारा सरकार और पूर्व डीजीपी के दबाव में बदलवाए जा रहे हैं, ताकि कुछ सफेदपोश बच जाएं।
5. जांच के दौरान CID की पूरी टीम दो बार क्यों बदली गई, जिस पर हाईकोर्ट ने भी कड़ी आपत्ति जताई थी?
6. पेपर लीक में संलिप्त एजेंसी और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के अधिकारियों से अब तक पूछताछ क्यों नहीं हुई? जबकि आयोग ने शुरू में छात्रों के सभी सबूतों को ‘एडिटेड’ बताया था।
7. एक राष्ट्रीय न्यूज चैनल की रिपोर्ट के अनुसार स्वयं विनय साह ने कबूल किया है कि उसने रांची के होटल में रुककर साजिश रची और छात्रों को नेपाल ले जाकर उत्तर रटवाए।
8. फरार अनीश का सीधा संपर्क परीक्षा एजेंसी, आयोग के अधिकारियों और पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता से है।
9. मुख्यमंत्री का पूरा कुनबा इस पूरे पेपर लीक को मात्र ‘धन उगाही’ बताने पर क्यों तुला है?
बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अपील की, “अभी भी वक्त है, अगर मंशा साफ है तो तत्काल इस पूरे प्रकरण की जांच CBI से कराएं।” उन्होंने राज्य CID और उसके प्रमुख से भी बिना भेदभाव के निष्पक्ष जांच करने की अपील की और चेताया, “समय बदलता है, परिस्थितियां बदलती हैं, लेकिन सत्य नहीं बदलता।”
अंत में बाबूलाल मरांडी ने झारखंड के बेरोजगार युवाओं को भरोसा दिलाया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ इस लड़ाई में भारतीय जनता पार्टी हमेशा उनके साथ खड़ी रहेगी।

















