पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने खोले राज, NEET छात्रा के साथ बहुत गलत हुआ , हॉस्टल मालिक गिरफ्तार
पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने खोले राज, NEET छात्रा के साथ बहुत गलत हुआ , हॉस्टल मालिक गिरफ्तार
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पटना, 17 जनवरी : बिहार की राजधानी पटना में चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र के मुन्नाचक स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही 17-18 वर्षीय मेधावी छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद आये पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरे राज्य में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है।
जहानाबाद जिले की रहने वाली इस छात्रा की मौत के मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, जिसके बाद पुलिस की जांच का रुख पूरी तरह बदल गया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्रा के शरीर पर 10 से अधिक गंभीर चोटें, नाखून के खरोंच के निशान (खासकर गर्दन, कंधे, चेस्ट, पीठ और अन्य हिस्सों पर) मिले है ।
प्राइवेट पार्ट्स में ताजा चोटें, टिश्यू ट्रॉमा, ब्लीडिंग और संघर्ष के स्पष्ट संकेत मिले है।
घटनाक्रम
छात्रा 5 जनवरी 2026 को घर से पटना लौटी थी। 6 जनवरी की रात को वह हॉस्टल के अपने कमरे में बेहोश पाई गई। हॉस्टल स्टाफ ने दरवाजा तोड़कर उसे बाहर निकाला और पहले एक क्लिनिक, फिर मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई।शुरुआत में पुलिस ने इसे स्लीपिंग पिल्स (नींद की गोलियों) के ओवरडोज या आत्महत्या से जोड़ा।
छात्रा के मोबाइल में ऐसी दवाओं से जुड़ी सर्च हिस्ट्री और यूरिन टेस्ट में दवाओं के निशान मिलने का दावा किया गया था।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के प्रमुख खुलासे
PMCH (पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल) के मेडिकल बोर्ड द्वारा 14 जनवरी को जारी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट (वीडियोग्राफी के साथ) ने मामले को नया मोड़ दिया:
शरीर पर 10 से अधिक गंभीर चोटें, नाखून के खरोंच के निशान (खासकर गर्दन, कंधे, चेस्ट, पीठ और अन्य हिस्सों पर)।
प्राइवेट पार्ट्स में ताजा चोटें, टिश्यू ट्रॉमा, ब्लीडिंग और संघर्ष के स्पष्ट संकेत।
यौन हिंसा (sexual violence/sexual assault) की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता — रिपोर्ट में इसे स्पष्ट रूप से जताया गया है।
चोटें सामान्य दुर्घटना या आत्महत्या से नहीं जुड़ी दिखती हैं; छात्रा ने पूरी ताकत से विरोध किया था।
रिपोर्ट को सेकेंड ओपिनियन के लिए AIIMS पटना भेज दिया गया है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में इसे “रेप की पुष्टि” बताया गया है, लेकिन आधिकारिक भाषा अभी “cannot be ruled out” पर टिकी है। अंतिम निष्कर्ष AIIMS की रिपोर्ट पर निर्भर करेगा।
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी
पोस्टमॉर्टम आने के बाद पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया:हॉस्टल बिल्डिंग ओनर मनीष कुमार रंजन (मुन्नाचक निवासी) को गिरफ्तार किया गया। सबूतों से छेड़छाड़ रोकने के लिए यह कदम उठाया गया।
हॉस्टल को सील कर दिया गया; सभी छात्राओं को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
SIT (विशेष जांच टीम) गठित की गई, जिसमें फॉरेंसिक विशेषज्ञ शामिल हैं। पटना IG जितेंद्र राणा की अगुवाई में जांच तेज।
100+ CCTV फुटेज की जांच चल रही है; जांच का दायरा पटना से बाहर जहानाबाद तक बढ़ा दिया गया।
परिवार और समाज का गुस्सा
परिवार ने शुरू से ही रेप और मर्डर का आरोप लगाया था। पिता का कहना है कि बेटी AIIMS की डॉक्टर बनना चाहती थी, लेकिन आज न्याय की आस में है। उन्होंने दावा किया कि केस दबाने के लिए 10-15 लाख रुपये की पेशकश की गई।मामले ने अब सियासी रंग भी ले लिया है। प्रशांत किशोर ने परिवार से मुलाकात की और DGP-SSP से मिलने का वादा किया।
सोशल मीडिया और सड़कों पर प्रदर्शन तेज हो गए हैं। 11 जनवरी को कारगिल चौक पर शव के साथ जोरदार विरोध हुआ था।उम्मीद है कि SIT और AIIMS की रिपोर्ट से जल्द सच सामने आएगा और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी।

















