बीएसएफ भर्ती नियमों में बड़ा बदलाव: पूर्व अग्निवीरों के लिए 50% पद आरक्षित, पूर्व सैनिकों के लिए 10%
नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी) भर्ती के नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। अब हर साल की रिक्तियों में 50% पद पूर्व अग्निवीरों (एक्स-अग्निवीरों) के लिए आरक्षित होंगे। पहले यह आरक्षण सभी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) में 10% था, जिसे अब बीएसएफ में बढ़ाकर 50% कर दिया गया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!गृह मंत्रालय ने 19 दिसंबर 2025 को गजट नोटिफिकेशन जारी कर सीमा सुरक्षा बल, जनरल ड्यूटी कैडर (गैर-राजपत्रित) भर्ती नियम, 2015 में संशोधन किया है। नए नियमों के अनुसार:
सीधी भर्ती में 50% रिक्तियां पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित। 10% रिक्तियां पूर्व सैनिकों (एक्स-सर्विसमैन) के लिए। वहीं अधिकतम 3% रिक्तियां बीएसएफ के लड़ाकू कांस्टेबल (ट्रेड्समैन) की वार्षिक रिक्तियों के समायोजन (अब्सॉर्प्शन) के लिए।
भर्ती प्रक्रिया दो चरणों में होगी पहला चरण में नोडल फोर्स द्वारा पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित 50% रिक्तियों की भर्ती। वहीं दूसरा चरण में स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (एसएससी) द्वारा शेष 47% रिक्तियों (जिसमें 10% पूर्व सैनिकों के लिए) की भर्ती, साथ ही पहले चरण में अनारक्षित रही पूर्व अग्निवीरों की रिक्तियां भी शामिल।
पूर्व अग्निवीरों को फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट (पीएसटी) और फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (पीईटी) से छूट दी गई है। हालांकि, लिखित परीक्षा सभी उम्मीदवारों की तरह देनी होगी। पहली बैच के पूर्व अग्निवीरों को आयु सीमा में 5 वर्ष तक की छूट, बाद के बैचों को 3 वर्ष की छूट दी गई है।
इसके अलावा, बीएसएफ के लड़ाकू कांस्टेबल (ट्रेड्समैन) से कांस्टेबल पद पर अब्सॉर्प्शन के लिए आयु सीमा 30 से बढ़ाकर 35 वर्ष और न्यूनतम सेवा अवधि 3 से बढ़ाकर 5 वर्ष की गई है।
गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, यह संशोधन सबसे पहले बीएसएफ में लागू किया गया है और जल्द ही अन्य सीएपीएफ (जैसे सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी) में भी लागू किया जाएगा। यह कदम अग्निपथ योजना के तहत सेवा पूरी करने वाले युवाओं के लिए रोजगार अवसर बढ़ाने की दिशा में उठाया गया है।
















