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शहीद फादर इग्नासियुस बाड़ा: एक सच्चे मसीही की अमर गाथा, बानाबीरा पल्ली में 21वीं पुण्यतिथि पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि

शंभू कुमार सिंह 

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सिमडेगा : झारखंड के सिमडेगा जिले के बानाबीरा पल्ली में शुक्रवार को शहीद फादर इग्नासियुस बाड़ा की 21वीं पुण्यतिथि बड़े ही धूमधाम और भावुकता के साथ मनाई गई। इस अवसर पर हजारों मसीही समुदाय के सदस्य एकत्र हुए, जिनमें सिमडेगा बिशप विंसेंट बरवा और गुमला बिशप लीनुश पींगल एक्का भी शामिल थे। कार्यक्रम में प्रार्थना जुलूस, श्रद्धांजलि सभा और विशेष ख्रीस्तयाग समारोह का आयोजन किया गया।

सिमडेगा धर्मप्रांत के बिशप विंसेंट बरवा ने अपने संदेश में शहीद फादर इग्नासियुस बाड़ा को एक सच्चे मसीही के रूप में याद किया। उन्होंने कहा, “शहीद फादर बाड़ा ने मानव सेवा और मसीही समुदाय के कल्याण के लिए न केवल अपना घर-द्वार छोड़ा, बल्कि अपने प्राणों की आहुति भी दे दी। समाज में शिक्षा की कमी के कारण सच्चा चरित्र निर्माण नहीं हो पा रहा है। ऊंच-नीच के भेदभाव से हमें बांटा जा रहा है।” बिशप बरवा ने मसीही धर्मावलंबियों से एकजुट होकर सेवा के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना जुलूस से हुई, जिसमें उपस्थित सभी ने शहीद फादर की स्मृति में भाग लिया। समारोही ख्रीस्तयाग बिशप विंसेंट बरवा और गुमला बिशप लीनुश पींगल एक्का द्वारा संपन्न कराया गया। बिशप एक्का ने कहा, “बानाबीरा आज दुनिया के नक्शे पर कोई अनजान गांव नहीं है। इसकी ख्याति शहीद फादर इग्नासियुस बाड़ा की वजह से विश्वव्यापी हो गई है। उनका बलिदान हमें प्रेरित करता रहेगा।”

कार्यक्रम में जिप सदस्य जोसिमा खाखा ने भी शिरकत की और शहीद फादर के क्रॉस पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन समर्पित किए। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया, “घर-परिवार त्यागकर मानव सेवा के लिए समर्पित फादर इग्नासियुस बाड़ा की 2005 में असामाजिक तत्वों द्वारा बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। लेकिन उनका खून व्यर्थ नहीं गया। यह धर्म का बीज बन गया, जो अंकुरित होकर एक विशाल वृक्ष के रूप में उभरा है। इसकी छांव में सिमडेगा, गुमला, खूंटी सहित अन्य क्षेत्रों के लाखों ख्रीस्त विश्वासी प्रेरणा ग्रहण कर रहे हैं।”

मौके पर अजित लकड़ा, सिलबेस्तर बाघवार, उर्मिल्ला केरकेट्टा, प्रतिमा कुजूर, जुली लुगून, सूचिता, शोभेन, मुखिया अनिल उरांव, विवेक एक्का समेत बड़ी संख्या में मसीही समुदाय के लोग उपस्थित थे। यह कार्यक्रम न केवल शहीद फादर की स्मृति को ताजा करने का माध्यम बना, बल्कि उनके बलिदान से प्रेरित होकर सेवा और एकता का संदेश भी प्रसारित किया।

शहीद फादर इग्नासियुस बाड़ा का जीवन मसीही समुदाय के लिए एक प्रेरणा स्रोत बना हुआ है, जो शिक्षा, सेवा और समानता के मूल्यों को मजबूत करने का आह्वान करता है।

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