पीएम मोदी की टीम में एमजे अकबर की वापसी, ऑपरेशन सिंदूर के तहत वैश्विक कूटनीति में निभाएंगे अहम भूमिका
वरिष्ठ पत्रकार और पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री एमजे अकबर एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टीम में शामिल हो गए हैं। 2018 में #MeToo आंदोलन के दौरान यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री के पद से इस्तीफा देने वाले अकबर को अब पीएम मोदी की सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत वैश्विक आतंकवाद विरोधी अभियान के लिए गठित सात बहुदलीय प्रतिनिधिमंडलों में से एक में शामिल किया है। यह कदम अकबर के राजनीतिक पुनरागमन के रूप में देखा जा रहा है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत सरकार ने वैश्विक स्तर पर पाकिस्तान से उत्पन्न होने वाले आतंकवाद के खिलाफ समर्थन जुटाने के लिए सात बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल बनाए हैं। एमजे अकबर बीजेपी सांसद रवि शंकर प्रसाद के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होंगे, जिसमें शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी, कांग्रेस सांसद अमर सिंह, बीजेपी सांसद समिक भट्टाचार्य, गुलाम अली खटाना, पंकज सरन और डॉ. दग्गुबती पुरंदेश्वरी जैसे अन्य प्रमुख नाम शामिल हैं। यह प्रतिनिधिमंडल यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जर्मनी, यूरोपीय संघ, इटली और डेनमार्क जैसे देशों का दौरा करेगा।
सूत्रों के अनुसार, अकबर को इस महत्वपूर्ण कूटनीतिक मिशन में शामिल करने का फैसला स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिया है। यह कदम न केवल अकबर के अनुभव और कूटनीतिक विशेषज्ञता को रेखांकित करता है, बल्कि सरकार की ओर से एक रणनीतिक संदेश भी देता है। अकबर ने हाल ही में अपने लेखों और एक्स पोस्ट्स में पाकिस्तान की आतंकवाद को प्रायोजित करने की नीति की कड़ी आलोचना की है और ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत की सैन्य कार्रवाइयों की सराहना की है।
2018 में #MeToo आंदोलन के दौरान अकबर पर कम से कम 20 महिला पत्रकारों ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे, जिसके बाद उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। उन्होंने इन आरोपों को “झूठा” बताते हुए कानूनी कार्रवाई की बात कही थी, लेकिन एक मानहानि मामले में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। उनकी वापसी की खबर के बाद नेटवर्क ऑफ वीमेन इन मीडिया, इंडिया (एनडब्ल्यूएमआई) ने इसका कड़ा विरोध किया है। वहीं, सोशल मीडिया पर भी प्रियंका चतुर्वेदी के साथ अकबर की एक ही प्रतिनिधिमंडल में मौजूदगी को लेकर चर्चा तेज है।
एमजे अकबर का पत्रकारिता और राजनीति में दशकों लंबा करियर रहा है। उन्होंने कई प्रमुख समाचार पत्रों का नेतृत्व किया और 2012 में अपनी किताब “टिंडरबॉक्स: द पास्ट एंड फ्यूचर ऑफ पाकिस्तान” में पाकिस्तान के इतिहास और विचारधारा पर गहन विश्लेषण प्रस्तुत किया था। 1989 से 1991 तक वह बिहार के किशनगंज से कांग्रेस सांसद रह चुके हैं। उनकी कूटनीतिक समझ और वैश्विक मंचों पर भारत का पक्ष रखने की क्षमता को सरकार एक बार फिर उपयोग में लाना चाहती है।

















