Bihar : मोतिहारी में जहरीली शराब का कहर: 4 की मौत, 6-7 की आंखों की रोशनी गई, 15 की हालत गंभीर
Bihar : मोतिहारी में जहरीली शराब का कहर: 4 की मौत, 6-7 की आंखों की रोशनी गई, 15 की हालत गंभीर
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मेटा डिस्क्रिप्शन: बिहार के मोतिहारी में जहरीली शराब से 4 की मौत, 6-7 blind; SIT जांच शुरू, शराबबंदी पर सवाल।
मोतिहारी (बिहार): बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में शराबबंदी के बावजूद एक बार फिर जहरीली शराब ने तबाही मचा दी है। रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के बालगंगा गांव और आसपास के इलाकों में कथित तौर पर स्प्रिट मिली अवैध शराब पीने से अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 15 से अधिक लोग जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि 6 से 7 लोगों की आंखों की रोशनी पूरी तरह चली गई है।
घटना का विवरण
घटना बुधवार शाम को शुरू हुई, जब बालगंगा और आसपास के गांवों (जिसमें तुरकौलिया क्षेत्र भी शामिल है) के कई लोग अवैध शराब का सेवन किया। गुरुवार को पहली मौत की सूचना मिली, जिसके बाद शुक्रवार सुबह तक स्थिति भयावह हो गई। मृतकों में प्रमोद यादव, परीक्षण मांझी (46 वर्ष), हीरालाल महतो और चंदू (तुरकौलिया निवासी) शामिल हैं। पीड़ितों ने बताया कि शराब पीने के कुछ घंटों बाद पेट में तेज दर्द, उल्टी और आंखों के सामने सब कुछ हरा दिखने जैसी समस्या शुरू हुई। धीरे-धीरे कई लोगों की दृष्टि पूरी तरह चली गई। प्रभावित लोगों की कुल संख्या 30 से 40 के आसपास बताई जा रही है, इसलिए मौतों का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका है।
प्रशासन की कार्रवाई
जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है और SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) गठित कर जांच शुरू कर दी गई है। थाना प्रभारी (SHO) को सस्पेंड कर दिया गया है।
एक चौकीदार को गिरफ्तार किया गया है।
अवैध शराब की खेप बरामद करने के लिए छापेमारी जारी है।
मुख्य आरोपी नागा राय समेत कई लोगों को हिरासत में लिया गया है।
शराबबंदी पर सवाल
बिहार में वर्ष 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है, लेकिन अवैध शराब (हूच/स्प्रिट) का कारोबार बार-बार सामने आता रहता है। मोतिहारी जिले में यह कोई पहली घटना नहीं है। वर्ष 2023 में भी यहां जहरीली शराब से दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी थी और कई लोगों की आंखों की रोशनी चली गई थी।स्थानीय लोगों में आक्रोश है। वे पूछ रहे हैं कि शराबबंदी के बावजूद गांवों में खुलेआम अवैध शराब कैसे बिक रही है और प्रशासन की नजर क्यों नहीं पड़ रही?
चिकित्सा व्यवस्था
प्रभावित लोगों का इलाज मोतिहारी सदर अस्पताल और निजी नर्सिंग होम में चल रहा है। कई मरीजों की स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों का कहना है कि मिथाइल अल्कोहल (मेथनॉल) जैसे जहरीले पदार्थ के कारण आंखों की रोशनी जाना आम लक्षण है।
















