Latehar : रामनवमी में 18 लोगों पर FIR के विरोध में बालूमाथ बंद, CO और ASI के खिलाफ फूटा गुस्सा

Latehar : रामनवमी में 18 लोगों पर FIR के विरोध में बालूमाथ बंद, CO और ASI के खिलाफ फूटा गुस्सा

Latehar : रामनवमी में 18 लोगों पर FIR के विरोध में बालूमाथ बंद, CO और ASI के खिलाफ फूटा गुस्सा

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Latehar : रामनवमी में 18 लोगों पर FIR के विरोध में बालूमाथ बंद, CO और ASI के खिलाफ फूटा गुस्सा

लातेहार के बालूमाथ में रामनवमी डीजे विवाद पर 18 लोगों पर FIR के विरोध में हिंदू महासभा ने बंद का आह्वान किया। जानें क्या हैं पूरा मामला और कार्यकर्ताओं की मांगें।

आशीष कुमार वैध /लातेहार

लातेहार (बालूमाथ) : झारखंड के लातेहार जिला अंतर्गत बालूमाथ में शुक्रवार को हिंदू महासभा के आह्वान पर ‘बालूमाथ बंद’ का आयोजन किया गया। रामनवमी पर्व के दौरान डीजे बजाने को लेकर 18 स्थानीय लोगों पर दर्ज की गई एफआईआर के विरोध में यह कदम उठाया गया है। बंद के दौरान समर्थकों ने बाजार में घूम-घूम कर दुकानों को बंद कराया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

शांतिपूर्ण पर्व के बाद FIR पर उठाए सवाल

हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं का कहना है कि बालूमाथ में रामनवमी का जुलूस पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहा और कहीं भी कोई अप्रिय घटना नहीं घटी। इसके बावजूद पुलिस प्रशासन द्वारा 18 लोगों को नामजद करते हुए उन पर मुकदमा दर्ज करना अनुचित है। संगठन ने इस कार्रवाई को ‘फर्जी’ बताते हुए मांग की है कि सभी मुकदमों को बिना शर्त तत्काल वापस लिया जाए।
प्रशासनिक अधिकारियों पर गंभीर आरोप

प्रदर्शनकारियों का मुख्य आक्रोश बालूमाथ के अंचलाधिकारी (CO) बालेश्वर राम और थाना में पदस्थापित ASI राम विनय सिंह के प्रति देखा गया।
CO बालेश्वर राम: कार्यकर्ताओं का आरोप है कि अंचलाधिकारी के निर्देश पर ही यह दमनकारी कार्रवाई की गई है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि CO को तत्काल पद से हटाया जाए।
ASI राम विनय सिंह: जुलूस के दौरान तैनात एएसआई पर श्रद्धालुओं और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार, गाली-गलौज और मारपीट के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि ड्यूटी पर तैनात अधिकारी ने मर्यादाओं का उल्लंघन किया।

उग्र आंदोलन की चेतावनी

बाजार में बंद का आंशिक असर देखा गया, लेकिन संगठन की ओर से कड़ा रुख अख्तियार किया गया है। हिंदू महासभा के नेताओं ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं और दर्ज केस वापस नहीं हुए, तो आने वाले समय में जिले भर में चरणबद्ध तरीके से आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

 

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