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पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो संदिग्ध मामले: केंद्र सरकार ने तुरंत रिस्पॉन्स टीम भेजी

पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो संदिग्ध मामले: केंद्र सरकार ने तुरंत रिस्पॉन्स टीम भेजी

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कोलकाता/नई दिल्ली, 12 जनवरी : पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस (Nipah Virus) के दो संदिग्ध मामलों की पहचान होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। ये मामले 11 जनवरी 2026 को ICMR के Virus Research and Diagnostic Laboratory (VRDL), AIIMS कल्याणी (नदिया जिला) में डिटेक्ट हुए।

दोनों प्रभावित व्यक्ति उत्तर 24 परगना जिले के बारासात स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में काम करने वाले हेल्थकेयर वर्कर्स/नर्स (एक पुरुष और एक महिला) हैं, जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है और वे लाइफ सपोर्ट/वेंटिलेटर पर हैं।

केंद्र और राज्य सरकार की त्वरित कार्रवाई

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से फोन पर बात की और केंद्र की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
केंद्र सरकार ने तुरंत National Joint Outbreak Response Team तैनात कर दी है, जिसमें निम्नलिखित संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल हैं:National Institute of Virology (NIV), पुणे
National Institute of Epidemiology (NIE), चेन्नई
All India Institute of Health and Public Hygiene, कोलकाता
AIIMS कल्याणी
वन्यजीव विभाग, पर्यावरण मंत्रालय
राज्य के Integrated Disease Surveillance Programme (IDSP) को निपाह वायरस से जुड़ी सभी गाइडलाइंस भेज दी गई हैं।
National Centre for Disease Control (NCDC) का Public Health Emergency Operations Centre (PHEOC) सक्रिय कर दिया गया है।
राज्य स्वास्थ्य विभाग कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग (मरीजों के संपर्क में आए लोगों की पहचान), कंटेनमेंट उपाय और निगरानी तेज कर रहा है।

निपाह वायरस के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी

निपाह वायरस एक जूनोटिक (zoonotic) बीमारी है, जो मुख्य रूप से चमगादड़ों (फ्रूट बैट्स) से इंसानों में फैलती है। यह सूअरों या दूषित फलों/डेट पाम जूस से भी ट्रांसमिट हो सकती है।

लक्षण: तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, गले में खराश, सांस की तकलीफ, उल्टी, बेहोशी और ब्रेन इंफेक्शन (encephalitis)।
मृत्यु दर: 40% से 75% तक (बहुत खतरनाक)।

इलाज: कोई स्पेसिफिक दवा या वैक्सीन नहीं; केवल सपोर्टिव ट्रीटमेंट (ICU केयर) उपलब्ध।
भारत में पहले केस: 2001 और 2007 में पश्चिम बंगाल में, हाल के वर्षों में केरल में कई बार आउटब्रेक।

सावधानियां और सलाह

चमगादड़ों के संपर्क से दूर रहें।
कच्चा डेट पाम जूस (ताड़ी) न पिएं; उबला हुआ या प्रोसेस्ड ही लें।
हाथ धोएं, मास्क पहनें और किसी भी संदिग्ध लक्षण पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
स्थिति पर नजर रखें और केवल आधिकारिक स्रोतों (स्वास्थ्य मंत्रालय, ICMR) से अपडेट लें।

 

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