रांची में नीतीश कुमार का पुतला दहन: महिला डॉक्टर के अपमान के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन
रांची में नीतीश कुमार का पुतला दहन: महिला डॉक्टर के अपमान के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!रांची, 19 दिसंबर : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा पटना में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान मुस्लिम महिला आयुष डॉक्टर नुसरत परवीन का नकाब (हिजाब) सार्वजनिक मंच पर खींचने की घटना के विरोध में झारखंड की राजधानी रांची में जोरदार प्रदर्शन हुआ। झारखंड मुस्लिम युवा मंच के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष मोहम्मद शाहिद अय्यूबी के नेतृत्व में सैकड़ों युवाओं ने हिस्सा लिया और नीतीश कुमार का पुतला फूंका।
प्रदर्शन रतन पी.पी. क्षेत्र (लोअर बाजार थाना के समीप) में हुआ, जहां कार्यकर्ताओं ने “महिलाओं का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान”, “नीतीश कुमार मुर्दाबाद”, “नीतीश कुमार इस्तीफा दो” और “शर्म नहीं तो डूब मरो” जैसे नारे लगाए। हाथों में तख्तियां थामे प्रदर्शनकारियों ने इस घटना को महिला सम्मान, अल्पसंख्यक अधिकारों और लोकतंत्र की गरिमा पर हमला बताया।
महिला सम्मान पर हमला पूरे समाज पर हमला:
शाहिद अय्यूबीप्रदर्शन को संबोधित करते हुए मोहम्मद शाहिद अय्यूबी ने कहा, “हम उस देश में रहते हैं जहां नारी को शक्ति का प्रतीक माना जाता है। हिंदू धर्म में दुर्गा-लक्ष्मी-सरस्वती और इस्लाम में मां के कदमों तले जन्नत बताया गया है। ऐसे में एक शिक्षित महिला डॉक्टर के साथ सार्वजनिक मंच पर इस तरह का दुर्व्यवहार अत्यंत निंदनीय है।”उन्होंने आगे कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा महिला अपमान केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरे समाज और लोकतंत्र पर हमला है। “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ केवल नारा नहीं, सामाजिक जिम्मेदारी है।” अय्यूबी ने अल्पसंख्यक अधिकार दिवस के मौके पर इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए केंद्र और राज्य सरकारों से सख्त कार्रवाई की मांग की।
देशव्यापी विवाद और विरोध15 दिसंबर को पटना में आयुष डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान हुई यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। विपक्षी दलों जैसे RJD, कांग्रेस और अन्य ने नीतीश कुमार से इस्तीफा और माफी की मांग की है। कई जगहों पर FIR दर्ज हुईं, जबकि प्रभावित डॉक्टर नुसरत परवीन ने कथित तौर पर नौकरी जॉइन करने से इनकार कर दिया।झारखंड मुस्लिम युवा मंच ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि महिला सम्मान और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए है।
संगठन ने चेतावनी दी कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, संघर्ष जारी रहेगा।प्रदर्शन में मुख्य रूप से डॉ. दानिश रहमानी, असफर खान, अरशद अली सोनू, आजम अहमद, साजिद उमर सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।

















