एपस्टीन फाइल्स: बिल गेट्स वाली तस्वीरों से हलचल, आज DOJ की बड़ी रिलीज की डेडलाइन
एपस्टीन फाइल्स: बिल गेट्स वाली तस्वीरों से हलचल, आज DOJ की बड़ी रिलीज की डेडलाइन
नई दिल्ली, 19 दिसंबर अमेरिका में जेफरी एपस्टीन से जुड़े मामले एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हाल ही में हाउस ओवरसाइट कमिटी के डेमोक्रेट्स ने एपस्टीन की एस्टेट से प्राप्त लगभग 68 नई तस्वीरें जारी की हैं, जिनमें माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स एक अज्ञात महिला के साथ नजर आ रहे हैं। महिला का चेहरा गोपनीयता के लिए ब्लर कर दिया गया है। इन तस्वीरों ने सोशल मीडिया और अमेरिकी मीडिया में काफी चर्चा पैदा की है।
ये तस्वीरें एपस्टीन के नेटवर्क से जुड़े हाई-प्रोफाइल लोगों को दिखाती हैं, जिनमें नोम चॉम्स्की, वुडी एलन, स्टीव बैनन और सर्गेई ब्रिन जैसे नाम शामिल हैं। हालांकि, इन तस्वीरों में किसी भी व्यक्ति पर एपस्टीन के अपराधों में सीधी संलिप्तता का कोई सबूत नहीं है – ये सिर्फ उनके सामाजिक संबंधों को उजागर करती हैं। बिल गेट्स ने पहले एपस्टीन से मुलाकात को अपनी “बड़ी गलती” बताया था।
ये फोटोज एपस्टीन की एस्टेट से कुल 95,000 से ज्यादा तस्वीरों का हिस्सा हैं, जिन्हें बैचेस में रिलीज किया जा रहा है।
आज की बड़ी डेडलाइन: DOJ की एपस्टीन फाइल्स रिलीज
आज 19 दिसंबर को अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस (DOJ) को ‘एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट’ के तहत एपस्टीन से जुड़े सभी अनक्लासिफाइड डॉक्यूमेंट्स, जांच सामग्री और रिकॉर्ड्स पब्लिक करने हैं। यह कानून नवंबर 2025 में पास हुआ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे साइन किया।
इसमें हजारों पेज के दस्तावेज हो सकते हैं, जिनमें फ्लाइट लॉग्स, नाम, जांच नोट्स और अन्य सामग्री शामिल है।हालांकि, कुछ अपवाद हैं – जैसे पीड़ितों की प्राइवेसी, चल रही जांच या नेशनल सिक्योरिटी से जुड़ी जानकारी को रोका या रेडैक्ट किया जा सकता है। DOJ ने अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है कि कितने डॉक्यूमेंट्स रिलीज होंगे, लेकिन कानून की सह-प्रायोजक कांग्रेसमैन रो खन्ना ने चेतावनी दी है कि अनुपालन न करने पर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।एपस्टीन मामले में पहले भी कई डॉक्यूमेंट्स और ग्रैंड ज्यूरी ट्रांसक्रिप्ट्स रिलीज हो चुके हैं, लेकिन आज की रिलीज को सबसे बड़ी माना जा रहा है।
दुनिया भर में लोग इंतजार कर रहे हैं कि क्या इसमें कोई नया खुलासा होगा।यह मामला दशकों पुरानी जांचों, पीड़ितों की मांग और हाई-प्रोफाइल नामों से जुड़ा है।



















