राष्ट्रीय लोक अदालत में सिमडेगा में त्वरित न्याय की मिसाल: 21,183 मामलों का निपटारा, 1.15 करोड़ से अधिक की समझौता राशि तय

राष्ट्रीय लोक अदालत में सिमडेगा में त्वरित न्याय की मिसाल: 21,183 मामलों का निपटारा, 1.15 करोड़ से अधिक की समझौता राशि तय

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शंभू कुमार सिंह

सिमडेगा : झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर शनिवार को सिमडेगा व्यवहार न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। यह देशभर में 2026 की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत थी, जिसका ऑनलाइन उद्घाटन न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद, कार्यकारी अध्यक्ष, झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार ने किया।

स्थानीय स्तर पर लोक अदालत का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पीडीजे) राजीव कुमार सिन्हा, उपायुक्त कंचन सिंह, पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस. खोटरे, एडीजे नरंजन सिंह और जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव मरियम हेमरोम सहित अन्य अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

पीडीजे राजीव कुमार सिन्हा ने कहा, “राष्ट्रीय लोक अदालत न्याय प्राप्ति का एक प्रभावी माध्यम है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि लोक अदालत के जरिए लोगों को त्वरित, सस्ता और सुलभ न्याय मिलता है। आपसी समझौते से विवाद सुलझने पर समाज में सौहार्द और विश्वास मजबूत होता है। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे अपने मामलों के समाधान के लिए लोक अदालत का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 21,183 मामलों का आपसी सहमति से निपटारा किया गया। इनमें कुल 1 करोड़ 15 लाख 61 हजार 603 रुपये की समझौता राशि तय की गई।

निपटाए गए मामलों में शामिल थे:

– बैंक से संबंधित 358 मामले
– बिजली से संबंधित 12 मामले
– मोटर दुर्घटना से संबंधित 6 मामले
– चेक बाउंस से संबंधित मामले
– अन्य आपराधिक प्रकृति के 47 मामले
– प्री-लिटिगेशन (मुकदमे से पहले) से जुड़े 20,759 मामले

सफल संचालन के लिए कुल छह बेंचों का गठन किया गया था, जिनमें एडीजे, सीजेएम, न्यायिक दंडाधिकारी, अंचल अधिकारी, स्थायी लोक अदालत अध्यक्ष और उपभोक्ता फोरम अध्यक्ष सहित अनुभवी अधिवक्ता और अधिकारी शामिल थे। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), जिला पुलिस, समाज कल्याण विभाग आदि द्वारा स्टॉल लगाए गए, जहां सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई और लोगों को जागरूक किया गया।

उद्घाटन समारोह में अपर समाहर्ता ज्ञानेंद्र, एसडीओ प्रभात रंजन ज्ञानी सहित कई अधिकारी, अधिवक्ता और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल त्वरित न्याय सुनिश्चित करते हैं, बल्कि विवादों का शांतिपूर्ण समाधान भी संभव बनाते हैं, जिससे समाज में शांति और सद्भाव बढ़ता है।

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