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बिना हेलमेट और इंश्योरेंस बाइक चलाने वालों पर हो सख्ती : पीडीजे

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सिमडेगा: सड़क सुरक्षा, दहेज प्रथा और लोगों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से शनिवार को सिविल कोर्ट सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डालसा अध्यक्ष राजीव कुमार सिन्हा ने सड़क सुरक्षा को लेकर लोगों की जिम्मेदारी पर जोर दिया।

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पीडीजे ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यातायात नियमों का पालन बेहद जरूरी है। वाहन चालकों को हेलमेट पहनने के साथ अपने वाहनों का वैध इंश्योरेंस भी कराना चाहिए। उन्होंने बताया कि जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर जल्द ही जागरूकता संबंधी बोर्ड लगाए जाएंगे। इन बोर्डों के माध्यम से बिना हेलमेट और वैध इंश्योरेंस के बाइक लेकर पेट्रोल लेने पहुंचने वाले लोगों को नियमों के प्रति जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य लोगों को परेशान करना नहीं, बल्कि उन्हें यातायात नियमों और जरूरी वाहन दस्तावेजों के प्रति जागरूक करना है।

पीडीजे ने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद कई बार वाहन का इंश्योरेंस संबंधी दस्तावेज नहीं होने से पीड़ितों और उनके परिजनों को परेशानी होती है। इसलिए वाहन चालकों को समय पर इंश्योरेंस कराने के साथ उसके दस्तावेज भी अपने पास रखने चाहिए। उन्होंने हिट एंड रन मामलों में पीड़ितों और उनके परिजनों के लिए उपलब्ध मुआवजा प्रावधानों की भी जानकारी दी।

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दहेज लेना और देना दोनों अपराध

कार्यशाला में एडीजे नारंजन कुमार सिंह ने दहेज प्रथा से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दहेज लेना और देना दोनों कानूनन अपराध हैं। दहेज प्रथा को समाप्त करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में भी लगातार जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है। इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से दहेज प्रथा के खिलाफ तैयार किया गया लघु वीडियो भी प्रदर्शित किया गया।

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किशोरों के वाहन चलाने पर अभिभावकों की जिम्मेदारी

कार्यशाला में यातायात नियमों, गति सीमा और सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की। किशोरों द्वारा वाहन चलाने के मामलों में अभिभावकों की जिम्मेदारी पर भी जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि कम उम्र के बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति देना उनके साथ-साथ सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों के लिए भी जोखिम पैदा कर सकता है।

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बीमा और एमएसीटी मामलों की दी जानकारी

स्थायी लोक अदालत के चेयरमैन रमेश कुमार श्रीवास्तव ने बीमा से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) से जुड़े मामलों में पीड़ितों और उनके परिजनों को मिलने वाली कानूनी सहायता तथा दावा दाखिल करने की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। अधिवक्ता कामेश्वर महतो ने एमएसीटी मामले दाखिल करने की प्रक्रिया की जानकारी दी। मुख्य एलएडीसी प्रभात कुमार श्रीवास्तव ने दहेज प्रथा और इसके खिलाफ कानूनी प्रावधानों पर प्रकाश डाला।

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लैंगिक समानता और संवैधानिक मूल्यों पर चर्चा

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामप्रीत प्रसाद ने लैंगिक समानता और संवैधानिक मूल्यों पर विचार रखे। बार एसोसिएशन के सचिव पद्ममन सिंह ने किशोर वाहन चालकों और अभिभावकों की जिम्मेदारी पर प्रकाश डाला। बीमा कंपनी के अधिवक्ता सगीर अहमद ने बीमा कंपनियों और मोटर दुर्घटना दावा मामलों से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।

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इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार सिन्हा, एडीजे नारंजन कुमार सिंह, डालसा सचिव मरियम हेमरोम, स्थायी लोक अदालत के चेयरमैन, सीजेएम एवं अन्य न्यायिक पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद नालसा गीत प्रस्तुत किया गया। डालसा सचिव मरियम हेमरोम ने स्वागत भाषण दिया।

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कार्यक्रम के अंत में ओपन हाउस चर्चा आयोजित हुई, जिसमें विधिक जागरूकता, सड़क सुरक्षा, दहेज प्रथा और मोटर दुर्घटना मामलों से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। सहायक एलएडीसीएस सुकोमल ने धन्यवाद ज्ञापन किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यशाला में न्यायिक पदाधिकारी, बार एसोसिएशन के अधिवक्ता, विभिन्न थानों के पुलिस पदाधिकारी तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार से जुड़े पीएलवी उपस्थित थे।

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शंभू कुमार सिंह

शंभू कुमार सिंह

रिपोर्टर

शंभू कुमार सिंह सिमडेगा के रहने वाले हैं ये 1995 से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत है दैनिक जागरण जिला प्रभारी, भास्कर दैनिक का जिला प्रभारी, सहित की भी चैनल के साथ में अन्य महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में लगातार सक्रिय रहे है । समाचार संकलन विशेष लेख फीचर व अन्य क्षेत्रों में भी विशेष पकड़।