विधानसभा में गूंजा मुद्दा तो झाारखण्ड में नशे के खिलाफ 'सर्जिकल स्ट्राइक' की तैयारी: हर जिले में बनेगी स्पेशल टास्क फोर्स

विधानसभा में गूंजा मुद्दा तो झाारखण्ड में नशे के खिलाफ ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की तैयारी: हर जिले में बनेगी स्पेशल टास्क फोर्स

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विधानसभा में गूंजा मुद्दा तो झाारखण्ड में नशे के खिलाफ ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की तैयारी: हर जिले में बनेगी स्पेशल टास्क फोर्स

विधानसभा में गूंजा मुद्दा तो झाारखण्ड में नशे के खिलाफ 'सर्जिकल स्ट्राइक' की तैयारी: हर जिले में बनेगी स्पेशल टास्क फोर्स
रांची: झारखंड के युवाओं के भविष्य को दीमक की तरह चाट रहे ड्रग्स के कारोबार पर अब राज्य सरकार ने सीधे प्रहार करने का मन बना लिया है। विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सरकार ने घोषणा की है कि राज्य के हर जिले में ‘स्पेशल टास्क फोर्स’ (STF) का गठन किया जाएगा, जो ड्रग माफियाओं और तस्करों के जाल को तोड़ने का काम करेगी। लेकिन कब जब सवाल उठा विधानसभा में तब सरकार की नींद खुली है ।

हजारीबाग और रामगढ़ , रांची के रातू रोड बने ‘सफेद जहर’ के नए केंद्र

सदन में इस गंभीर मुद्दे को उठाते हुए विधायक रोशन लाल चौधरी ने सरकार को आगाह किया कि राज्य के कई इलाके ड्रग्स तस्करी के हॉटस्पॉट बन चुके हैं। उन्होंने बताया कि:
रामगढ़ के पतरातू, बड़कागांव और केरेडारी जैसे क्षेत्रों में नशे की पहुंच गली-मोहल्लों तक हो गई है।
हजारीबाग और इसके आसपास के इलाकों से पिछले कुछ महीनों में करोड़ों रुपये के ड्रग्स (ब्राउन शुगर और हेरोइन) बरामद किए गए हैं।
विधायक ने चिंता जताई कि नशे की लत के कारण युवाओं में चोरी, छिनतई और हत्या जैसे अपराधों का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। इस प्रश्न के साथ जोड़ते हुए  हटिया के विधायक नवीन जायसवाल ने कहा कि यह नशे का लत युवाओं को ऐसी हालत में डाल देता है जिससे उनके आगे की राह मुश्किल हो जाती है । हम लोग तो बस यही जानते हैं कि ड्रग्स को की लेकिन इससे आगे भी अभी कई तरह के ड्रग्स आ चुके हैं जिस पर सरकार को काबू करना चाहिए।
आंकड़ों में डरावनी हकीकत
सदन में पेश किए गए सरकारी आंकड़ों ने राज्य की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट के अनुसार:
2019 से 2023 के बीच: एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत 2,396 मामले दर्ज किए गए थे।
2023 से 2026 के बीच: पिछले तीन सालों में इन मामलों की संख्या में भारी उछाल आया है, जो यह दर्शाता है कि ड्रग सिंडिकेट की जड़ें काफी गहरी हो चुकी हैं।
सरकार का जवाब: ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति
विधायक के सवालों का जवाब देते हुए मंत्री योगेन्द्र महतो ने सदन को भरोसा दिलाया कि सरकार इस मामले पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना रही है। उन्होंने कहा:
“गृह विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि हर जिले में एक समर्पित टास्क फोर्स बनाई जाए। यह फोर्स सीधे तौर पर एंटी-नारकोटिक्स ऑपरेशन चलाएगी और बड़े माफियाओं को सलाखों के पीछे भेजेगी।”

युवाओं के भविष्य पर संकट
राज्य में जिस तरह से ब्राउन शुगर और हेरोइन जैसे जानलेवा नशों का प्रसार हुआ है, उसने अभिभावकों और प्रशासन की नींद उड़ा दी है। अब देखना यह होगा कि नई टास्क फोर्स इस ‘सफेद जहर’ के कारोबार को रोकने में कितनी सफल हो पाती है।

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