झारखंड में बालू घाटो के आवंटन पर लगी रोक हाईकोर्ट ने हटाई , राज्य में पेशा कानून लागू होने से यह महत्वपूर्ण फैसला।
झारखंड में बालू घाटो के आवंटन पर लगी रोक हाईकोर्ट ने हटाई , राज्य में पेशा कानून लागू होने से यह महत्वपूर्ण फैसला।
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झारखंड हाईकोर्ट में PESA नियमावली लागू न होने से जुड़ी अवमानना याचिका पर महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। मंगलवार को राज्य सरकार और पंचायती राज विभाग ने अदालत को सूचित किया कि PESA (पंचायतों का अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम, 1996 की नियमावली अब राज्य में आधिकारिक रूप से अधिसूचित और लागू कर दी गई है।
इसके बाद हाईकोर्ट ने याचिका को निष्पादित (disposed off) कर दिया और बालू घाटों (sand ghats) की नीलामी के बाद उनके अलॉटमेंट (आवंटन) पर पहले से लगाई गई रोक को हटा दिया।
हाईकोर्ट पेशा लागू करने का लागातार निर्देश दे रहा था। कोर्ट ने सितंबर 2025 में बालू घाटों और लघु खनिजों की नीलामी/आवंटन पर अंतरिम रोक लगा दी गई थी, जब तक नियमावली अधिसूचित नहीं हो जाती।
दिसंबर 2025 में कैबिनेट ने नियमावली को मंजूरी दी, और जनवरी 2026 की शुरुआत में इसे गजट अधिसूचना के माध्यम से लागू किया गया।
अवमानना याचिका आदिवासी बुद्धिजीवी मंच की ओर से दाखिल की गई थी, जिसमें सरकार पर देरी का आरोप लगाया गया था।
नियमावली लागू होने के बाद क्या बदलेगा?
बालू घाटों की नीलामी पहले ही हो चुकी थी, लेकिन रोक हटने से अब आवंटन और संचालन की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी – बशर्ते PESA प्रावधानों का पालन हो।
















