प्रधानमंत्री मोदी 7 साल बाद चीन में, SCO सम्मेलन में हिस्सा, शी जिनपिंग से अहम मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात साल बाद शनिवार को चीन के तियानजिन शहर पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत हुआ। वे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने आए हैं, जो 31 अगस्त से 1 सितंबर तक आयोजित होगा। इस दौरान उनकी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक विशेष महत्व रखती है, जिसमें भारत-चीन संबंधों को मजबूत करने और वैश्विक स्थिरता पर चर्चा होगी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!प्रधानमंत्री मोदी ने तियानजिन पहुंचने पर एक्स पर लिखा, “चीन के तियानजिन पहुंच गया हूं। SCO शिखर सम्मेलन में विचार-विमर्श और विभिन्न विश्व नेताओं से मुलाकात को लेकर उत्सुक हूं।” यह उनकी 2018 के बाद पहली चीन यात्रा है, जो भारत और चीन के बीच हाल के तनावों, खासकर 2020 की गलवान घाटी झड़प के बाद संबंधों को सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
मोदी और शी जिनपिंग की बैठक में पूर्वी लद्दाख सीमा विवाद, द्विपक्षीय व्यापार, और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों से उत्पन्न वैश्विक व्यापार तनाव जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुलाकात दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली और सहयोग बढ़ाने का अवसर हो सकती है।
SCO शिखर सम्मेलन में 10 सदस्य देशों के नेता हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी शामिल हैं। मोदी की पुतिन के साथ भी द्विपक्षीय मुलाकात होगी। यह सम्मेलन वैश्विक शक्ति संतुलन और क्षेत्रीय सहयोग के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर तब जब अमेरिकी टैरिफ नीतियों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में तनाव पैदा किया है। भारत इस मंच पर अपनी रणनीतिक स्थिति को मजबूत करने और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
चीन आने से पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने जापान की दो दिवसीय यात्रा पूरी की, जहां उन्होंने जापानी प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा के साथ 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। इस दौरान दोनों देशों ने सेमीकंडक्टर, रक्षा, और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने के लिए 13 प्रमुख समझौतों पर हस्ताक्षर किए।

















