असम विधानसभा चुनाव 2026 में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) का बड़ा दांव: अब 21 सीटों पर उतारा उम्मीदवार, पहले 19 पर थी योजना
रांची/गुवाहाटी : असम विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने अपनी रणनीति में अहम बदलाव किया है। पार्टी ने पहले 19 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की थी, लेकिन अब उसने कुल 21 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने का फैसला लिया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है।

JMM, जो मुख्य रूप से झारखंड में मजबूत स्थिति रखती है, अब असम में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश में जुटी है। पार्टी का फोकस खास तौर पर आदिवासी बहुल और चाय बागान इलाकों पर है, जहां झारखंड मूल के कई लोग बसे हुए हैं। असम में कुल 19 अनुसूचित जनजाति (ST) आरक्षित सीटें हैं, और JMM इनमें से अधिकांश पर मजबूत दावा पेश करने की तैयारी कर रही है।
पार्टी के इस फैसले में एक सीट आरक्षित (रिजर्व) श्रेणी की है, जबकि बाकी 20 सीटें सामान्य श्रेणी की हैं। इससे पहले पार्टी ने कांग्रेस के साथ गठबंधन की संभावनाओं पर बातचीत की थी, लेकिन सीट-शेयरिंग पर सहमति नहीं बन पाने के कारण JMM ने अकेले चुनाव लड़ने का रास्ता चुना है। हाल ही में पार्टी ने 20 स्टार प्रचारकों की सूची भी चुनाव आयोग को सौंपी थी, जिसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, उनकी पत्नी कल्पना सोरेन और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हैं।
JMM का यह कदम असम की राजनीति में नया समीकरण बना सकता है, खासकर आदिवासी और चाय बागान मजदूर वोटों को प्रभावित करने के लिहाज से। पार्टी का मानना है कि असम में आदिवासी आबादी (लगभग 18-20%) और चाय बागानों में काम करने वाले समुदायों की आवाज को मजबूती से उठाने की जरूरत है। असम विधानसभा में कुल 126 सीटें हैं, और चुनाव अप्रैल 2026 में होने हैं।


















