प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान और चीन की महत्वपूर्ण यात्रा पर रवाना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम जापान और चीन की चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर रवाना हुए। इस दौरान वह जापान में 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन और चीन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यह यात्रा भारत की वैश्विक कूटनीति और क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!प्रधानमंत्री मोदी 29-30 अगस्त को जापान की राजधानी टोक्यो में होंगे, जहां वे जापानी प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के साथ पहली शिखर बैठक करेंगे। यह उनकी जापान की आठवीं यात्रा होगी। दोनों नेता भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी की समीक्षा करेंगे, जिसमें रक्षा, सुरक्षा, व्यापार, प्रौद्योगिकी, और लोगों के बीच संपर्क जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। विशेष रूप से, मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना और क्वाड (भारत, जापान, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया) के तहत सहयोग पर जोर दिया जाएगा। जापानी मीडिया के अनुसार, दोनों देश सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, और दुर्लभ खनिजों जैसे क्षेत्रों में सहयोग के लिए एक नया ढांचा तैयार कर सकते हैं।
जापान के बाद, पीएम मोदी 31 अगस्त से 1 सितंबर तक चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। यह 2020 की गलवान घाटी झड़प के बाद उनकी पहली चीन यात्रा होगी और 2018 के बाद पहला आधिकारिक दौरा। इस सम्मेलन में क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी सहयोग, और आर्थिक विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। पीएम मोदी की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सहित अन्य नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी संभावित हैं। यह यात्रा भारत-चीन संबंधों को सामान्य करने और सीमा पर शांति बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने खुद इस यात्रा के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “जापान और चीन की मेरी यात्राएं हमारे राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ाएंगी और क्षेत्रीय व वैश्विक शांति, सुरक्षा, और सतत विकास में योगदान देंगी।” यह दौरा न केवल भारत-जापान और भारत-चीन संबंधों को नई दिशा देगा, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति को और सशक्त करेगा।

















