सिंह मेंशन बनाम रघुकुल: कोयलांचल की सियासी जंग में रागिनी सिंह की हुंकार, 8 साल का हिसाब लेने को तैयार
झारखंड के कोयलांचल में सिंह मेंशन और रघुकुल के बीच दशकों पुरानी सियासी और पारिवारिक अदावत एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की विधायक रागिनी सिंह ने रघुकुल के खिलाफ तीखा हमला बोलते हुए 8 साल के हिसाब की बात कही है। रागिनी सिंह ने हाल ही में अपने पति, पूर्व विधायक संजीव सिंह को कोर्ट द्वारा बरी किए जाने के बाद यह बयान दिया, जिसमें उन्होंने पिछले आठ सालों की कथित साजिशों और अन्याय का बदला लेने की ठानी है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!रागिनी सिंह, जो अपने पति संजीव सिंह के जेल में रहने के दौरान सिंह मेंशन की सियासी विरासत को संभाल रही हैं। उन्होंने हाल ही में कोर्ट के फैसले के बाद अपनी प्रतिक्रिया में कहा, “हमने जो आठ साल बिताए, वह हम बयां नहीं कर सकते। हमारे जीवन के 8 साल बर्बाद हो गए। जिन अधिकारियों ने साजिश रची, उन्हें मैं उसी जगह पहुंचाऊंगी।” यह बयान रघुकुल और उनके समर्थकों के लिए एक खुली चुनौती माना जा रहा है।
सिंह मेंशन और रघुकुल, कभी एक ही परिवार का हिस्सा थे, लेकिन सूर्यदेव सिंह के निधन और संपत्ति व सियासी वर्चस्व की लड़ाई ने इस परिवार को दो ध्रुवों में बांट दिया। सूर्यदेव सिंह के नेतृत्व में धनबाद की सियासत पर सिंह मेंशन का दबदबा रहा, लेकिन 2005 के बाद परिवार में फूट पड़ी। सूर्यदेव के भाई राजनारायण सिंह के परिवार ने रघुकुल के नाम से अपनी अलग पहचान बनाई। तब से दोनों गुटों के बीच कोयला खनन, ट्रेड यूनियन और राजनीतिक वर्चस्व को लेकर टकराव जारी है।
संजीव सिंह पर रघुकुल के नीरज सिंह की हत्या का आरोप था, जिसमें वह साढ़े सात साल से जेल में थे। हालांकि, कोर्ट ने हाल ही में उन्हें बरी कर दिया, जिसके बाद रागिनी सिंह ने अपनी सियासी और व्यक्तिगत लड़ाई को और तेज करने का ऐलान किया है।
रागिनी सिंह ने दावा किया कि झरिया की जनता उनके साथ है और यह जंग अब केवल परिवार की नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं की भी है। उन्होंने रघुकुल पर झरिया में जंगल राज और बुनियादी सुविधाओं की कमी का आरोप लगाया। रागिनी ने कहा, “झरिया के लोग पानी और बिजली के लिए त्राहिमाम कर रहे हैं। मैं उनकी आवाज बनकर यह हिसाब पूरा करूंगी।”


















