RANCHI CRIME

RANCHI CRIME : राँची पुलिस कम के मीटिंग से खौफ में लेकिन अपराधी बेख़ौफ़

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Ranchi: रांची इनदिनों भू – माफियाओ के चपेट में है। कहा जा रहा है की रांची जिले में हो रही हत्याओं में कहीं ना कहीं जमीन का मामला जुड़ा ही होता है। शुभश मुंडा एक नेता के साथ साथ जमीन कारोबारी भी थे लेकिन इससे यह तय नहीं हो जाता की जमीन कारोबार में हत्या हो जाये ,दरअसल ये बात हम इसलिए कह रहे है की जमीन कारोबारी कमलभूषण के जुड़े दो और लोगो की हत्या महज साल भर के अंदर हो जाती है लेकिन चेकिंग के नाम पर बस हेलमेट चेकिंग पुलिस करती रह जाती है , एक के बाद एक आपराधिक घटनाएं लगातार होने के बाद रांची पुलिस भी सवालो के घेरे में है. जिस तरह से अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं उससे पुलिस के दावे फीके साबित हो नजर आ रहे हैं. जिले के नगड़ी थाना क्षेत्र में बुधवार की रात माकपा नेता और जमीन कारोबारी सुभाष मुंडा की उनके कार्यालय में बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग कर हत्या कर दी.

नगड़ी थानेदार हुए सस्पेंड
खबर है की बुधवार को माकपा नेता की हत्या किए जाने के आधे घंटे बाद जब नगड़ी थानेदार ओमप्रकाश से घटना के बारे में एसएसपी ने फोन पर पूछा, तो थानेदार ने बताया कि उन्हे घटना के बारे में कोई जानकारी नही है..इस वाकए से अचंभित एसएसपी ने आज नगड़ी थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया है. निलंबन से संबंधित आदेश में यह स्पष्ट तौर पर कहा गया कि नगड़ी थानेदार के पास हत्या जैसी घटनाओं की जानकारी नहीं होना, यह पुलिस की सूचना तंत्र की विफलता को दर्शाता है.

21 जुलाई यानि बीते गुरुवार को ही सीएम हेमंत सोरेन ने विधि-व्यवस्था व अपराध नियंत्रण की स्थिति को बुधवार को लेकर राज्य के वरीय पुलिस अधिकारियों को तलब किया. राज्य में छोटी-बड़ी आपराधिक घटनाओं पर कड़ी नाराजगी जताई. अधिकारियों से कहा कि पुलिस अपनी कार्यशैली सुधारे, नहीं तो कार्रवाई के लिए तैयार रहे. पुलिस अधिकारियों को अगले 15 दिनों के भीतर राज्य में विधि-व्यवस्था में सुधार लाने व आपराधिक घटनाओं पर लगाम लगाने का आदेश दिया.उन्होंने चेतावनी भी दी है कि अगर स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित पुलिस अधिकारी बख्शे नहीं जाएंगे. सीएम लगातार हो रहे अपराधिक घटना पर चिंता जताया था. वही डीजीपी अजय कुमार सिंह को साफ लहजे में कहा कि जब अपराध पर नियंत्रण के लिए उन्होंने पूरी छूट दे रखी है तब सफलता क्यों नहीं मिल रही है. पुलिस विभाग राज्य में सुनियोजित आपराधिक गतिविधियों एवं नए-नए अपराधों पर शिकंजा क्यों नहीं कस पा रही है. हर हाल में अपराध पर नियंत्रण किया जाए.

डीजीपी का निर्देश भी पुलिस अधिकारियों के लिए बेमानी
राज्य में अपराध पर अंकुश लगाने के लिए डीजीपी की हर संभव कोशिश भी नाकाम साबित हो रही है, ताबड़तोड़ अपराध को रोकने के लिए पुलिस वालों को चौकस रहने का निर्देश का अनुपालन भी नहीं हो रहा है, जिसके कारण आए दिन अपराधी बेखौफ और बेलगाम होकर घटनाओं को अँजाम दे रहे हैं. जमीन के लिए अपराध न होने पाए इसके लिए पुलिस वालों को सूची बनाने तक का आदेश हुआ, मगर इन सब के बीच अपराध पर लगाम नहीं लग पा रही है. बेखौफ बदमाशों के आगे पुलिस का प्रयास बेअसर साबित हो रहा है. ह
त्याओं का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है

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