रांची: JTET अभ्यर्थियों पर पुलिस लाठीचार्ज, विधानसभा में सत्ता-विपक्ष आमने-सामने
रांची: JTET अभ्यर्थियों पर पुलिस लाठीचार्ज, विधानसभा में सत्ता-विपक्ष आमने-सामने
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रांची। झारखंड में शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) की मांग को लेकर पिछले कई वर्षों से संघर्षरत अभ्यर्थियों पर पुलिस द्वारा की गई लाठीचार्ज की घटना ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। 16 मार्च को विधानसभा घेराव कार्यक्रम के दौरान शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे JTET अभ्यर्थियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें कई छात्र घायल हुए। खासकर आजसू छात्र संघ के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बबलू महतो गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनके सिर पर गहरी चोट आई और सिर फट गया।
यह घटना झारखंड विधानसभा में जोरदार बहस का विषय बनी। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे युवाओं पर लाठीचार्ज बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और सरकार की संवेदनहीनता को उजागर करता है। जब सरकार समय पर परीक्षाएं नहीं कराती, तो युवा सड़कों पर उतरने को मजबूर हो जाते हैं। पिछले छह वर्षों से यही सरकार सत्ता में है, फिर भी पिछली सरकारों को दोष देना बंद करे। व्यवस्था में अपेक्षित सुधार क्यों नहीं हो रहा?”
वहीं, सरकार की ओर से स्कूली शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने सदन में जवाब देते हुए कहा कि झारखंड हाईकोर्ट ने JTET आयोजन के लिए 31 मार्च 2026 तक का समय दिया है। सरकार पूरी तरह न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई कर रही है और परीक्षा जल्द कराने की प्रक्रिया जारी है।
बता दें कि झारखंड हाईकोर्ट ने सितंबर 2025 में JTET परीक्षा कराने का आदेश दिया था, जिसमें 9 साल की लंबी देरी के बाद मार्च 2026 तक परीक्षा पूरी करने का निर्देश था। अभ्यर्थियों का आरोप है कि अभी भी कोई ठोस तारीख घोषित नहीं हुई, जिससे आक्रोश बढ़ा और प्रदर्शन तेज हो गए।
यह मुद्दा राज्य में युवा बेरोजगारी, परीक्षा देरी और पुलिस कार्रवाई से जुड़े बड़े विवाद को उजागर करता है। विपक्ष इसे सरकार की विफलता बता रहा है, जबकि सत्ता पक्ष कोर्ट की समयसीमा का हवाला दे रहा है।
















