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कोडरमा अंचल कार्यालय में राजस्व कर्मचारी सुरेंद्र प्रसाद 10,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, एसीबी की कार्रवाई

कोडरमा अंचल कार्यालय के राजस्व कर्मचारी सुरेंद्र प्रसाद को हजारीबाग की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) टीम ने 10,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई 2 मई 2025 को हुई, जब एसीबी की टीम ने कोडरमा अंचल कार्यालय में छापेमारी की। सुरेंद्र प्रसाद को गिरफ्तार कर हजारीबाग ले जाया गया, जहां उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।

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मामले की शुरुआत बेकोबार निवासी बहादुर राणा की शिकायत से हुई। बहादुर ने अपनी 5 एकड़ 62 डिसमिल जमीन की जमाबंदी ऑनलाइन चढ़ाने और रसीद निर्गत करने के लिए कोडरमा अंचल कार्यालय में आवेदन दिया था। जब उन्होंने अपने आवेदन की प्रगति के लिए सुरेंद्र प्रसाद से संपर्क किया, तो कर्मचारी ने इस काम के लिए 50,000 रुपये की रिश्वत मांगी। बहादुर ने इसकी शिकायत एसीबी, हजारीबाग से की।

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एसीबी ने शिकायत की जांच की और रिश्वत की मांग की पुष्टि होने पर एक जाल बिछाया। योजना के तहत, बहादुर राणा ने रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 10,000 रुपये सुरेंद्र प्रसाद को दिए। जैसे ही सुरेंद्र ने यह राशि स्वीकार की, वहां पहले से मौजूद एसीबी की टीम ने उन्हें धर दबोचा। गिरफ्तारी के बाद, सुरेंद्र को हजारीबाग ले जाया गया, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।

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सुरेंद्र प्रसाद कोडरमा अंचल के हलका 5 में कार्यरत थे, जहां वे जमीन से संबंधित मामलों को संभालते थे। कोडरमा अंचल कार्यालय में जमीन की जमाबंदी ऑनलाइन चढ़ाने और रसीद निर्गत करने जैसे कार्यों में देरी और रिश्वतखोरी की शिकायतें लंबे समय से आम हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना रिश्वत दिए ऐसे काम समय पर पूरे नहीं होते। इस तरह के मामलों को लेकर जिला प्रशासन और झारखंड सरकार से कई बार स्पष्टीकरण मांगा गया है, लेकिन कर्मचारियों की मनमानी और रिश्वतखोरी का सिलसिला जारी है।
यह घटना कोडरमा अंचल कार्यालय में भ्रष्टाचार की गंभीर समस्या को उजागर करती है। एसीबी की इस कार्रवाई से कर्मचारियों में सतर्कता बढ़ सकती है,

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