20260216 120220

नीरज कुमार मतलब मानवता की मिसाल: एक ही मंडप में गूँजी शहनाइयां, पांच जोड़ों का कराया सामूहिक विवाह, देखे वीडियो

नीरज कुमार मतलब मानवता की मिसाल: एक ही मंडप में गूँजी शहनाइयां, पांच जोड़ों का कराया सामूहिक विवाह

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

रांची :  आज के दौर में जहाँ शादियाँ केवल दिखावे और फिजूलखर्ची का जरिया बनती जा रही हैं, वहीं समाज में कुछ  ऐसे व्यक्तित्व भी हैं जो मानवता और सेवा की नई इबारत लिख रहे हैं। इन्ही में एक नाम नीरज कुमार का है । जो कई सालों से गरीब जोड़ो की शादी करवा रहे है ।ना कोई ताम -झाम ना कोइ शोर_  शराबा , नीरज कुमार  के सौजन्य से आयोजित एक शादी समारोह में पांच जोड़े परिणय सूत्र में बंधे।
भक्ति और उल्लास का संगम
भगवान भोलनाथ की शादी की शहनाइयों की आवाज तो देश भर में गूंज रही थी लेकिन इससे दूर एक और शादी का आयोजन स्थल  था । जहां गरीब परिवार के लड़कियों की शादी हुई थी । शादी स्थल पर सुबह से ही उत्सव का माहौल था। फूलों की महक और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पांचों जोड़ों ने एक-दूसरे का साथ निभाने का वचन लिया। वीडियो फुटेज में साफ़ देखा जा सकता है कि कैसे एक  पंडाल के नीचे, पूरी विधि-विधान और मर्यादा के साथ सामूहिक हवन संपन्न कराया गया।
आयोजन की मुख्य बातें:
* सामूहिक आशीर्वाद: सभी पांच जोड़ों ने एक ही मंडप में अग्नि के फेरे लिए।
* भव्य व्यवस्था: आयोजन किसी ‘बिग फैट वेडिंग’ से कम नहीं था। रोशनी, सजावट और मेहमानों के सत्कार का पूरा ध्यान रखा गया था।
* उपहार और विदाई: नवविवाहित जोड़ों को उनकी नई गृहस्थी शुरू करने के लिए आवश्यक उपहार और आशीर्वाद प्रदान किया गया।
समाज के लिए एक संदेश
इस नेक कार्य को संपन्न कराने वाले नीरज कुमार ने बताया कि, “सामूहिक विवाह न केवल फिजूलखर्ची को रोकता है, बल्कि समाज में एकता और समानता का संदेश भी देता है। हमारा उद्देश्य उन परिवारों की मदद करना है जो आर्थिक कारणों से अपनी बेटियों का हाथ पीला करने में असमर्थ महसूस करते हैं।”
इस भावुक क्षण के गवाह बने परिजनों की आँखों में खुशी के आँसू थे। स्थानीय लोगों ने आयोजक के इस कदम की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण बताया है।

Share via
Share via