चैंबर भवन में सॉ मिल एंड वुड बेस्ड इंडस्ट्रीज उप समिति की बैठक
रांची: चैंबर भवन में आज सॉ मिल एवं वुड बेस्ड इंडस्ट्रीज से जुड़े ट्रेडर्स की समस्याओं पर चर्चा हेतु उप समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता चेयरमेन श्री तुलसी पटेल ने की, जिसमें राज्यभर से सॉ मिल ट्रेडर्स ने हिस्सा लिया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बैठक में वन विभाग के उस प्रस्ताव पर गहन विचार-विमर्श हुआ, जिसमें 1996 से पूर्व वन क्षेत्र से पांच किलोमीटर की परिधि में संचालित आरा मिलों को नियमित करने की बात थी, लेकिन इस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। चर्चा में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का उल्लेख हुआ, जिसमें जनहित को ध्यान में रखते हुए पांच किमी की दूरी को कम करने की छूट दी गई थी। चैंबर ने वन सचिव से बंद आरा मिलों को पुनः संचालित करने का आग्रह किया था, जिसके जवाब में सचिव ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक, झारखंड से मंतव्य मांगा था।
चेयरमेन तुलसी पटेल ने 17 जून 2025 को वन एवं पर्यावरण विभाग के सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक का जिक्र करते हुए बताया कि चैंबर ने पंजाब की तर्ज पर झारखंड में आरा मिल स्थापना की दूरी को केवल 100 मीटर करने का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि 12 दिसंबर 1996 से पूर्व अन्य क्षेत्रों (निगम/नोटिफाइड एरिया को छोड़कर) में स्थापित आरा मिलों पर पांच किमी की पाबंदी शिथिल करने से अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
सदस्यों ने सर्वोच्च न्यायालय के 8 अप्रैल 2019 के आदेश का हवाला दिया, जिसमें राज्य सरकार को जनहित में दूरी संबंधी निर्णय लेने का अधिकार दिया गया है। साथ ही, 25 नवंबर 2021 को राज्य स्तरीय समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि 1996 से पूर्व स्थापित आरा मिलों को पांच किमी की बाध्यता से मुक्त रखा जाए। इस संबंध में वन सचिव द्वारा प्रधान मुख्य वन संरक्षक को पत्र लिखा गया था। 22 जनवरी 2025 को हुई राज्य स्तरीय समिति की बैठक में सभी सदस्यों ने सहमति जताई कि 1996 से पूर्व स्थापित वैध आरा मिलों को बंद नहीं किया जाए।
वन सचिव अबूबकर सिद्दीख ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक, प्रशासन और चैंबर प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की, जिसमें यह सहमति बनी कि वैध आरा मिलों को बंद नहीं किया जाएगा और इस संबंध में माननीय मुख्यमंत्री की सहमति के लिए अनुशंसा भेजी जाएगी। आज की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि चैंबर का प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही माननीय मुख्यमंत्री से मिलकर इस विषय पर सहमति प्राप्त करने का आग्रह करेगा।
कार्यकारिणी सदस्य अमित शर्मा ने कहा कि आरा मिलों का संचालन केवल उद्योग-व्यवसाय की मजबूती का विषय नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की आजीविका और रोजगार का सवाल है। उन्होंने राज्य सरकार से सर्वोच्च न्यायालय के आदेश और जनहित को ध्यान में रखते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया। चैंबर इस दिशा में हरसंभव प्रयास करेगा।
सभा का संचालन चेयरमेन तुलसी पटेल ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन कार्यकारिणी सदस्य अमित शर्मा ने किया। बैठक में संजय सिंह, सुरेंद्र जैन, एएल भगत, श्याम मंडल, अनूप मोदी, इंदु भूषण, लालचंद वर्मा, जयकांत जयसवाल, हाजी हबीब, राजन गुप्ता, रामपुकार सिंह, लालजीत, ओम कुमार चौधरी, मनोज शर्मा, केपी दास, महावीर जैन, पप्पू तिवारी, मो मुर्तजा सहित राज्यभर के सॉ मिल और वुड बेस्ड इंडस्ट्रीज से जुड़े व्यापारी उपस्थित थे।

















