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सिमडेगा में किसानों की मेहनत को मिलेगी मजबूत सुरक्षा: विधायक भूषण बाड़ा ने 4 स्थानों पर 100 MT क्षमता वाले लैम्पस गोदामों का किया शिलान्यास

शंभू कुमार सिंह 

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सिमडेगा : झारखंड के सिमडेगा जिले में किसानों की फसल को सुरक्षित भंडारण की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष एवं सिमडेगा विधायक भूषण बाड़ा ने जोगबहार, पिथरा, कोचेडेगा और बंगरू में 100 मीट्रिक टन (MT) क्षमता वाले लैम्पस गोदामों का सामूहिक शिलान्यास किया। यह परियोजना कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की समेकित सहकारिता विकास परियोजना के तहत संचालित की जा रही है।

शिलान्यास समारोह में महिला जिला अध्यक्ष एवं जिप सदस्य जोसिमा खाखा ने भी संयुक्त रूप से आधारशिला रखी। कार्यक्रम में जिप सदस्य सामरोम पौल तोपनो, मुखिया दुर्गा उरांव, विधायक प्रतिनिधि शीतल तिर्की, प्रतिमा कुजूर, उर्मिला केरकेट्टा सहित कांग्रेस पार्टी के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।

विधायक भूषण बाड़ा ने मौके पर कहा, “यह लैम्पस गोदाम किसानों की मेहनत को सुरक्षित रखने की मजबूत ढाल बनेगा। अब किसान बाजार की मजबूरी या तत्काल बिक्री के दबाव में नहीं आएंगे। फसल को सुरक्षित भंडारण की सुविधा मिलने से वे सही समय पर बेहतर मूल्य प्राप्त कर सकेंगे। हमारी सरकार गांव और किसान के सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में हर प्रखंड में ऐसी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, ताकि किसी भी किसान को अपनी उपज सस्ते में बेचने की मजबूरी न हो।”

महिला जिला अध्यक्ष जोसिमा खाखा ने अपने संबोधन में ग्रामीण महिलाओं की भूमिका पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा, “ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं खेती, पशुपालन और स्वयं सहायता समूहों (SHG) के माध्यम से आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं। लैम्पस गोदाम से कृषि उत्पाद, दुग्ध उत्पादन या SHG द्वारा तैयार वस्तुओं का सुरक्षित भंडारण संभव होगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी और बाजार तक पहुंच आसान बनेगी। यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी को और मजबूत करेगी।” उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि सहकारिता मॉडल को अपनाकर सामूहिक विकास की दिशा में आगे बढ़ें, क्योंकि एकजुट होकर काम करने से विकास की गति कई गुना तेज हो जाती है।

झारखंड में लैम्पस (Large Area Multipurpose Societies) गोदाम किसानों, विशेषकर छोटे और सीमांत किसानों के लिए फसल भंडारण की प्रमुख सुविधा प्रदान करते हैं। ये गोदाम फसल को कीट, मौसम और नमी से सुरक्षित रखते हैं, जिससे उपज की गुणवत्ता बनी रहती है और किसान बिचौलियों के शोषण से बचकर उचित मूल्य प्राप्त कर पाते हैं। यह परियोजना जिले में भंडारण व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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