सिमडेगा के शिक्षक अंजनी कुमार सिंह का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज
शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा: जिले के प्रख्यात शिक्षक अंजनी कुमार सिंह ने अपनी अनूठी उपलब्धि के साथ इतिहास रच दिया है। उनके हजारों मौलिक प्रेरणादायक विचारों के लिए उनका नाम *इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स* में “Maximum Self-Written Motivational Thoughts Published Digitally by an Individual” श्रेणी में दर्ज किया गया है। इसके साथ ही, इस उपलब्धि को वैश्विक स्तर पर मान्यता दिलाने के लिए उनका नाम *गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स* में भी आधिकारिक रूप से पंजीकृत हो चुका है, जिसका मूल्यांकन प्रक्रिया में है।
उप विकास आयुक्त दीपांकर चौधरी ने डीआरडीए कार्यालय में आयोजित एक समारोह में अंजनी कुमार को सम्मानित किया। यह रिकॉर्ड अंजनी कुमार ने हिंदी और अंग्रेजी में हजारों प्रेरणादायक विचारों को डिजिटल मंचों, सोशल मीडिया और ऑनलाइन समूहों में निरंतर प्रकाशित कर हासिल किया। उनके विचार आत्मविकास, सामाजिक परिवर्तन, महिला सशक्तिकरण, बाल अधिकार, जल संरक्षण, अंधविश्वासों के खिलाफ जागरूकता, वृद्धजनों के प्रति संवेदना, युवा चेतना और मतदाता जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित हैं।
अंजनी कुमार ने बताया कि यह रिकॉर्ड उनकी वर्षों की अनुशासित साधना, पूर्ण मौलिकता और प्रमाणिक डिजिटल दस्तावेजीकरण का परिणाम है। उन्होंने कहा, “विचार ही परिवर्तन का बीज हैं। यदि हम प्रतिदिन सकारात्मक सोचें और समाज के लिए कार्य करें, तो क्रांति घर से शुरू हो सकती है।” उनकी प्रेरणादायक रचनाओं को अब एक पुस्तक के रूप में संकलित किया जा रहा है, ताकि भावी पीढ़ियाँ उनसे प्रेरणा ले सकें।
अंजनी कुमार सिंह एक प्रख्यात शिक्षक, लेखक और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उन्हें *National Water Hero Award*, *National Teachers’ Innovation Award*, *रवींद्रनाथ टैगोर अंतरराष्ट्रीय सम्मान*, *अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मान* और *काव्य रत्न सम्मान (नेपाल)* सहित कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं। वे *UNESCO*, *GWYN* और *संयुक्त राष्ट्र* जैसे संगठनों के साथ कार्य कर चुके हैं।
तीन पुस्तकों के लेखक अंजनी कुमार वर्तमान में अपनी चौथी पुस्तक *”I Am Today”* पर कार्यरत हैं। उनकी यह उपलब्धि उनकी सृजनात्मकता, मानवता के प्रति समर्पण और समाज के लिए निरंतर योगदान का प्रतीक है।
अंजनी कुमार की इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने सिमडेगा जिले को गौरवान्वित किया है। उनके विचार न केवल व्यक्तिगत विकास को प्रोत्साहित करते हैं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और सकारात्मक बदलाव के लिए भी प्रेरणा का स्रोत हैं। यह रिकॉर्ड उनकी मेहनत और समर्पण का जीवंत उदाहरण है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।

















