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झारखंड में स्किल डेवलपमेंट: महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल

झारखंड स्किल डेवलपमेंट मिशन और JITM स्किल्स प्राइवेट लिमिटेड ने मिलकर झारखंड के नौ जिलों में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक अनूठा स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम शुरू किया है। यह पहल न केवल रोजगारपरक कोर्सेज जैसे ब्यूटीशियन, एग्रीकल्चर, और मोबाइल रिपेयरिंग प्रदान कर रही है, बल्कि भविष्योन्मुखी तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, और 5G को शामिल करने की योजना के साथ वोकेशनल शिक्षा को नई ऊँचाइयों तक ले जा रही है।

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यह कार्यक्रम विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए डिज़ाइन किया गया है जो आत्मनिर्भर बनना चाहती हैं। प्रशिक्षण केंद्रों में न केवल कौशल विकास पर ध्यान दिया जाता है, बल्कि हॉस्टल सुविधाएँ, भोजन, और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से समग्र विकास को बढ़ावा दिया जाता है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद, छात्राओं को नोएडा में स्थापित ट्रांजिट होम में स्थानांतरित किया जाता है, जहाँ उन्हें नौकरी के अवसर प्रदान किए जाते हैं। JITM स्किल्स ने 50 से अधिक कंपनियों के साथ साझेदारी की है, जो प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार प्रदान करती हैं। इसके अतिरिक्त, उद्योग विशेषज्ञों द्वारा नियमित व्याख्यान और इंडस्ट्री एक्सपोजर प्रशिक्षण की गुणवत्ता को और बढ़ाते हैं।

प्रशिक्षण की अवधि और जॉब रोल्स को राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण परिषद (NCVT) द्वारा निर्धारित किया जाता है, जो भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) के अधीन कार्य करता है। ऑन-जॉब ट्रेनिंग (OJT) और इंडस्ट्री एक्सपोजर के माध्यम से छात्रों को उद्योग की माँगों के अनुरूप तैयार किया जाता है। प्रशिक्षण पूरा होने पर मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र प्रदान किए जाते हैं, जो उनकी रोजगार क्षमता को और मजबूत करते हैं।

पूर्व प्रोफेसर, दिल्ली यूनिवर्सिटी, योगेश कुमार ने बताया कि हमारा लक्ष्य है कि झारखंड के युवा न केवल वर्तमान की जरूरतों को पूरा करें, बल्कि AI, रोबोटिक्स, और 5G जैसे भविष्योन्मुखी क्षेत्रों में भी पारंगत हों। इससे वे राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे और झारखंड का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इन कोर्सेज के लिए अत्याधुनिक लैब स्थापित करने में 4-5 करोड़ रुपये का निवेश और विशेषज्ञ शिक्षकों की आवश्यकता होती है, जो एक चुनौती है। फिर भी, JITM स्किल्स और झारखंड स्किल डेवलपमेंट मिशन इस दिशा में सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। भविष्य में तीन से चार और मेगा सेंटर स्थापित करने की योजना है, जो इन उन्नत तकनीकों पर केंद्रित होंगे।

JITM स्किल्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर ,प्रोफेसर योगेश कुमार ने कहा कि झारखंड सरकार हमारी इस पहल को पूर्ण समर्थन दे रहे हैं। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन स्वयं स्किल डेवलपमेंट में गहरी रुचि लेते हैं और प्रमाणपत्र वितरण जैसे कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। यह नेतृत्व और समर्थन इस कार्यक्रम को देश के सबसे प्रभावी स्किल डेवलपमेंट मॉडल्स में से एक बनाता है।

उन्होंने कहा मेगा सेंटरों की स्थापना और संचालन में भारी निवेश के बावजूद, कई बार लक्ष्य पूरे न होने की स्थिति में संगठन को अपने संसाधनों से कार्य चलाना पड़ता है। फिर भी, JITM स्किल्स और झारखंड स्किल डेवलपमेंट मिशन का दृष्टिकोण स्पष्ट है कि झारखंड के युवाओं को भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करना और राज्य को तकनीकी नवाचार का केंद्र बनाना।

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