झारखंड सीएम हेमंत सोरेन को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत, पीएमएलए कोर्ट की कार्यवाही रुकी
नई दिल्ली/रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी अंतरिम राहत मिली है। बुधवार (25 फरवरी 2026) को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने ईडी द्वारा दर्ज शिकायत के आधार पर रांची के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) या एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रही क्रिमिनल कार्यवाही पर रोक लगा दी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!यह मामला ईडी द्वारा जारी समन की कथित अवहेलना से जुड़ा है, जिसमें हेमंत सोरेन पर आरोप था कि उन्होंने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जांच में पेश होने से इनकार किया। मुख्यमंत्री की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिसमें कहा गया कि ईडी की प्रक्रियाओं का उचित पालन नहीं हुआ और निचली अदालत द्वारा लिया गया संज्ञान गलत है।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने ईडी की खिंचाई भी की। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने टिप्पणी की कि एजेंसी ने अखबारों में पढ़ी गई ‘बल्क शिकायतें’ दाखिल की हैं, और उन्हें अपनी ऊर्जा उन मामलों पर लगानी चाहिए जहां वास्तविक परिणाम निकल सकें। अदालत ने ईडी को नोटिस जारी किया है और मामले की आगे की सुनवाई के लिए तारीख तय की जाएगी।
इस अंतरिम आदेश से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कानूनी प्रक्रिया में अस्थायी राहत मिल गई है। अब पीएमएलए कोर्ट या संबंधित निचली अदालत में कोई आगे की कार्रवाई नहीं हो सकेगी, जब तक सुप्रीम कोर्ट का अंतिम फैसला नहीं आ जाता।
यह फैसला झारखंड की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि हेमंत सोरेन पहले भी भूमि घोटाले से जुड़े ईडी केस में जांच के दायरे में रहे हैं। अगली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

















