रांची और जमशेदपुर में तनाव: पूर्व CM चंपाई सोरेन हाउस अरेस्ट, बेटे बाबूलाल सोरेन डिटेन
रांची: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन और उनके बेटे बाबूलाल सोरेन के खिलाफ पुलिस कार्रवाई ने रांची और जमशेदपुर में तनाव की स्थिति पैदा कर दी है। रांची के कांके स्थित नगड़ी में आदिवासी समाज द्वारा आयोजित ‘हल जोतो, रोपा रोपो’ कार्यक्रम के मद्देनजर पुलिस ने आज सुबह से अपनी कार्रवाई तेज कर दी। इस दौरान, रांची पुलिस ने पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन को उनके मोरहाबादी स्थित आवास में हाउस अरेस्ट कर लिया। वहीं, जमशेदपुर में चंपाई सोरेन के पुत्र और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता बाबूलाल सोरेन को नगड़ी की ओर जाते समय तमाड़ में पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!पुलिस ने न केवल चंपाई और बाबूलाल सोरेन को रोका, बल्कि सरायकेला और जमशेदपुर सहित अन्य जिलों से नगड़ी पहुंचने वाले लोगों को भी रोक दिया। सरायकेला के कांड्रा थाना पुलिस ने सरायकेला जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा को भी हिरासत में लिया है। पूरे राज्य में रांची जाने वाले काफिलों को रोकने के कारण स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, बाबूलाल सोरेन चार-पांच गाड़ियों के काफिले के साथ नगड़ी की ओर बढ़ रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें तमाड़ में रोककर हिरासत में लिया और थाने ले गई। इस कार्रवाई से आदिवासी समुदाय और भाजपा समर्थकों में आक्रोश देखा जा रहा है।
चंपाई सोरेन ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध से जोड़कर देखा है। उनके बेटे बाबूलाल सोरेन, जो घाटशिला विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के प्रत्याशी रहे हैं उन्होंने भी झामुमो पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उनके पिता के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने के कारण ही उन्होंने भाजपा का दामन थामा।
इस घटना ने झारखंड की सियासत में नया मोड़ ला दिया है। पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधा है, जबकि प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई है। स्थिति पर नजर रखने के लिए पुलिस बल को पूरे राज्य में हाई अलर्ट पर रखा गया है।

















