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भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सत्ता पक्ष ने ही अपने सरकार को घेरने की कोशिश की, विधायक प्रदीप यादव करप्शन के मुद्दे को लेकर आये

भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सत्ता पक्ष ने ही अपने सरकार को घेरने की कोशिश की, विधायक प्रदीप यादव करप्शन के मुद्दे को लेकर आये

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झारखंड में सत्ता पक्ष के खिलाफ विपक्ष को कोई ठोस मुद्दा नहीं मिल रहा है लेकिन खुद सत्ता पक्ष के विधायक ही भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने ही सरकार को घेरने में लग गए हैं ।  बुधवार को कांग्रेस के विधायक प्रदीप यादव ने सदन में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में 22.79 करोड़ की अवैध निकासी का मामला उठाया ।  प्रदीप यादव का आरोप था कि फर्जी खाता खोलकर अभियंता प्रभात कुमार चंद्रशेखर, राधेश्याम, रवि, लिपिक संजय कुमार ने राशि की बंदरबांट की है । इसमें वित्त विभाग की जांच रिपोर्ट आई है सरकार जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करें और अभियंता पर एफआईआर दर्ज की जाए ।  हालांकि इस मुद्दे पर जवाब देते हुए विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद का कहना था की विधायक पूरे मामले की  जानकारी लेकर आए सरकार इस पर करवाई करेगी । फिलहाल इस मामले में रोकड़ पाल को निलंबित किया गया है और उनके खिलाफ FIR भी दर्ज की गई है संतोष कुमार फिलहाल हिरासत में है

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वहीं दूसरी और बुधवार को ही सदन में गढ़वा और पलामू में स्वच्छ भारत मिशन के तहत ई रिक्शा की खरीद में घोटाले का मामला भी  कांग्रेस के विधायक प्रदीप यादव ने ही  उठाया । उन्होंने इस इस मामले को उठाते हुए कहा कि अभियंता और ठेकेदार की मिली भगत से 4355 पंचायत में ई-रिक्शा की फर्जी खरीदारी हुई है इस मामले में गढ़वा जिला जलवा स्वच्छता समिति ने अपने रिपोर्ट में घोटाले की पुष्टि भी की है

इस पर जवाब देते हुए विभागीय मंत्री ने योगेंद्र प्रसाद कहा कि GEM पोर्टल से 104 ई रिक्शा यानी टुकटुक की खरीदारी हुई है वित्तीय अनीता की सूचना है । इस पूरे मामले में जांच की गई है । उड़न दस्ता का गठन किया गया है जांच रिपोर्ट आई है और देख लेते हैं जो भी दोषी होंगे सरकार की ओर से कार्रवाई होगी ।  इस पर प्रदीप यादव ने कहा कि जांच रिपोर्ट को सरकार सार्वजनिक करें और मुख्य सचिव के अध्यक्षता में पदाधिकारी की कमेटी बनाकर जांच कराई जाए।

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