20250626 145439

पलामू टाइगर रिजर्व में ‘किला बाघ’ की घर वापसी: सिल्ली से रेस्क्यू के बाद जंगल में छोड़ा गया देखे वीडियो

पलामू टाइगर रिजर्व में ‘किला बाघ’ की घर वापसी: सिल्ली से रेस्क्यू के बाद जंगल में छोड़ा गया
पलामू, झारखंड: एक रोमांचक और सफल अभियान के तहत, रांची के सिल्ली क्षेत्र के मारदू गांव से रेस्क्यू किए गए बाघ को पलामू टाइगर रिजर्व के हरे-भरे जंगलों में वापस लौटाया गया। गुरुवार सुबह करीब 7 बजे, पलामू टाइगर रिजर्व के एक गुप्त क्षेत्र में इस बाघ को आजाद किया गया। सुरक्षा कारणों से छोड़े गए स्थान का खुलासा नहीं किया गया है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

किला बाघ’ की लंबी यात्रा
यह बाघ, जिसे पलामू किला क्षेत्र के नाम पर ‘किला बाघ’ नाम दिया गया है, मूल रूप से पलामू टाइगर रिजर्व का निवासी है। साल 2023 में इसे पहली बार पलामू किला क्षेत्र में देखा गया था। इसके बाद यह बाघ हजारीबाग, चतरा, गुमला, और यहां तक कि पश्चिम बंगाल के पुरुलिया तक भटकता रहा। अपनी वापसी के दौरान यह खूंटी के जंगलों में रुका और फिर सिल्ली के मारदू गांव में पहुंच गया, जहां यह पुरंदर महतो के घर में घुस गया था।
रेस्क्यू से जंगल तक का सफर
बुधवार को वन विभाग की टीम ने सिल्ली में इस बाघ को सुरक्षित रेस्क्यू किया। डॉक्टरों की एक विशेष टीम ने बाघ की स्वास्थ्य जांच की, जिसके बाद इसे रांची से पलामू टाइगर रिजर्व लाया गया। पलामू टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक प्रजेशकान्त जेना के नेतृत्व में पूरी तैयारी के साथ बाघ को जंगल में छोड़ा गया।
पलामू टाइगर रिजर्व की सतर्कता
पलामू टाइगर रिजर्व प्रशासन ने इस अभियान के लिए पहले से ही व्यापक तैयारियां कर रखी थीं।
‘किला बाघ’ अब अपने प्राकृतिक आवास में लौट चुका है, जहां वह जंगल के राजा के रूप में फिर से राज करेगा।

Share via
Share via