अमेरिका ने भारत की अगुवाई वाले इंटरनेशनल सोलर अलायंस समेत 66 अंतरराष्ट्रीय संगठनों से किया अलगाव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति के तहत बड़ा कदम उठाते हुए देश को 66 अंतरराष्ट्रीय संगठनों, एजेंसियों और आयोगों से अलग करने का आदेश जारी किया है। इनमें भारत और फ्रांस की संयुक्त अगुवाई वाला इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA) भी शामिल है, जो सौर ऊर्जा के वैश्विक प्रसार के लिए महत्वपूर्ण मंच है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!व्हाइट हाउस द्वारा जारी प्रेसिडेंशियल मेमोरेंडम में कहा गया है कि ये संगठन अब अमेरिकी हितों की सेवा नहीं करते। इस सूची में संयुक्त राष्ट्र से जुड़े कई निकायों के अलावा गैर-संयुक्त राष्ट्र संगठन जैसे इंटरनेशनल सोलर अलायंस, इंटरनेशनल रिन्यूएबल एनर्जी एजेंसी (IRENA), इंटरगवर्नमेंटल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज (IPCC) और इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (IUCN) शामिल हैं।
ट्रंप प्रशासन का तर्क है कि ये संगठन अमेरिकी संप्रभुता पर अनावश्यक बोझ डालते हैं और वैश्विक सहयोग के नाम पर अनुचित खर्च कराते हैं। इस फैसले से अमेरिका का जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़े अंतरराष्ट्रीय प्रयासों से दूरी बढ़ जाएगी।
इंटरनेशनल सोलर अलायंस की स्थापना 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के तत्कालीन राष्ट्रपति द्वारा की गई थी। अमेरिका 2021 में इसका सदस्य बना था। इस अलगाव से सौर ऊर्जा परियोजनाओं में अमेरिकी सहयोग और फंडिंग प्रभावित हो सकती है, हालांकि ISA के 120 से अधिक सदस्य देश इसे मजबूती से आगे बढ़ा रहे हैं।

















