अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 12 देशों पर लगाया अमेरिका में प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध, सात अन्य पर आंशिक रोक

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 12 देशों पर लगाया अमेरिका में प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध, सात अन्य पर आंशिक रोक

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 12 देशों पर लगाया अमेरिका में प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध, सात अन्य पर आंशिक रोक
वाशिंगटन, 5 जून : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा बताते हुए 12 देशों के नागरिकों के अमेरिका में प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध और सात अन्य देशों पर आंशिक प्रतिबंध की घोषणा की है। यह नीति 9 जून 2025 से प्रभावी होगी। यह कदम कोलोराडो के बोल्डर में 2 जून 2025 को हुए एक हमले के बाद उठाया गया है, जिसमें मिस्र के एक नागरिक ने प्रो-इजरायल प्रदर्शनकारियों पर फायरबॉम्ब से हमला किया था।
प्रतिबंधित देशों की सूची:
पूर्ण प्रतिबंध: अफगानिस्तान, चाड, कांगो गणराज्य, इक्वेटोरियल गिनी, इरीट्रिया, हैती, ईरान, लीबिया, म्यांमार, सोमालिया, सूडान, और यमन।
आंशिक प्रतिबंध: बुरुंडी, क्यूबा, लाओस, सिएरा लियोन, टोगो, तुर्कमेनिस्तान, और वेनेजुएला।
व्हाइट हाउस ने कहा कि ये देश अपर्याप्त वीजा जांच और स्क्रीनिंग प्रक्रियाओं के कारण राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करते हैं। ट्रंप ने एक वीडियो बयान में कहा, “बोल्डर में हालिया आतंकी हमला इस बात का सबूत है कि हमें सख्त कदम उठाने की जरूरत है। हम उन देशों से खुले प्रवास की अनुमति नहीं दे सकते जहां हम प्रवेशकों की विश्वसनीय जांच नहीं कर सकते।”
कोलोराडो हमले का विवरण:
2 जून को बोल्डर, कोलोराडो में ‘रन फॉर देयर लाइव्स’ समूह, जो गाजा में हमास द्वारा बंधक बनाए गए इजरायली नागरिकों की रिहाई की मांग कर रहा था, पर हमला हुआ। हमलावर, मोहम्मद सबरी सोलिमन, 2022 में टूरिस्ट वीजा पर अमेरिका आया था। उसने प्रदर्शनकारियों पर फायरबॉम्ब से हमला किया, जिसमें कई लोग घायल हुए। सोलिमन को गिरफ्तार कर लिया गया और उस पर हत्या का प्रयास, हमला, और नफरत अपराध के आरोप लगाए गए हैं। उसने जांच में इजरायल विरोधी विचारधारा की बात कबूल की।
विवाद और आलोचना:
आलोचकों ने इस प्रतिबंध को भेदभावपूर्ण बताया है और मिस्र को सूची से बाहर रखने पर सवाल उठाए हैं, क्योंकि हमलावर मिस्री नागरिक था। ऑक्सफैम और अन्य संगठनों ने चेतावनी दी है कि यह नीति युद्धग्रस्त क्षेत्रों से भाग रहे लोगों के लिए हानिकारक हो सकती है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रतिबंध कानूनी चुनौतियों का सामना कर सकता है, जैसा कि ट्रंप के पहले कार्यकाल में हुआ था।

प्रतिबंध में कुछ अपवाद शामिल हैं, जैसे कि वैध स्थायी निवासी, अफगान विशेष आप्रवासी वीजा धारक, राजनयिक वीजा धारक, और विश्व कप या ओलंपिक जैसे आयोजनों के लिए आने वाले एथलीट।

यह प्रतिबंध वैश्विक गतिशीलता को प्रभावित कर सकता है और अमेरिका के वैश्विक संबंधों पर असर डाल सकता है। अफ्रीकी संघ ने इस नीति के शैक्षिक और वाणिज्यिक संबंधों पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों पर चिंता जताई है।

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