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उपराष्ट्रपति चुनाव 2025: इंडिया गठबंधन ने बी. सुदर्शन रेड्डी को बनाया उम्मीदवार, एनडीए के सीपी राधाकृष्णन से होगा मुकाबला

नई दिल्ली : उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 के लिए विपक्षी इंडिया गठबंधन ने अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज और गोवा के पहले लोकायुक्त जस्टिस (रिटायर्ड) बी. सुदर्शन रेड्डी को इंडिया ब्लॉक ने अपना उम्मीदवार चुना है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके नाम की घोषणा की। यह फैसला गठबंधन की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया, जिसमें टीएमसी, आम आदमी पार्टी और डीएमके सहित सभी घटक दलों ने सुदर्शन रेड्डी के नाम पर सहमति जताई।

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बी. सुदर्शन रेड्डी का मुकाबला एनडीए के उम्मीदवार और महाराष्ट्र के वर्तमान राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन से होगा। एनडीए ने 17 अगस्त को राधाकृष्णन के नाम की घोषणा की थी, जो तमिलनाडु के वरिष्ठ भाजपा नेता और आरएसएस पृष्ठभूमि से जुड़े हैं। दोनों उम्मीदवारों के दक्षिण भारत से होने के कारण यह चुनाव क्षेत्रीय और वैचारिक रूप से बेहद रोचक होने की उम्मीद है।

कौन हैं बी. सुदर्शन रेड्डी

जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी का जन्म 8 जुलाई 1946 को आंध्र प्रदेश के रंगा रेड्डी जिले के अकुला मायलारम गांव में एक किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने उस्मानिया यूनिवर्सिटी, हैदराबाद से 1971 में लॉ की डिग्री हासिल की। अपने लंबे कानूनी करियर में वह आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के जज, गुवाहाटी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट के जज रहे। 2013 में वह गोवा के पहले लोकायुक्त बने, लेकिन सात महीने बाद निजी कारणों से इस्तीफा दे दिया। रेड्डी की निष्पक्ष और संवैधानिक छवि को विपक्ष ने अपनी रणनीति का आधार बनाया है।

इंडिया गठबंधन की रणनीति

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, “बी. सुदर्शन रेड्डी भारत के सबसे प्रतिष्ठित न्यायविदों में से एक हैं। यह केवल एक चुनाव नहीं, बल्कि विचारधारा की लड़ाई है। हम चाहते हैं कि देश को ऐसा उपराष्ट्रपति मिले जो संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करे।” टीएमसी और डीएमके जैसे दलों की मांग थी कि उम्मीदवार दक्षिण भारत से हो और गैर-राजनीतिक पृष्ठभूमि वाला हो। सुदर्शन रेड्डी का चयन इस मांग को पूरा करता है।

चुनावी गणित और चुनौतियां

उपराष्ट्रपति चुनाव 9 सितंबर 2025 को होगा, जिसमें लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य मतदान करेंगे। जीत के लिए कम से कम 349 वोटों की आवश्यकता है। एनडीए के पास लोकसभा में 293 और राज्यसभा में 129 सांसदों का समर्थन है, जो जीत के लिए जरूरी संख्या से अधिक है। वहीं, इंडिया गठबंधन के पास 343 सांसद हैं, और उन्हें जीत के लिए क्रॉस-वोटिंग या अतिरिक्त समर्थन की जरूरत होगी।

दक्षिण भारत का दांव

दोनों गठबंधनों ने दक्षिण भारत से उम्मीदवार चुनकर क्षेत्रीय राजनीति को ध्यान में रखा है। एनडीए ने राधाकृष्णन के जरिए द्रविड़ दलों को असमंजस में डालने की कोशिश की थी, लेकिन सुदर्शन रेड्डी के नाम से इंडिया गठबंधन ने इस रणनीति को चुनौती दी है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह चयन आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में विपक्ष की स्थिति को मजबूत कर सकता है, खासकर चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी जैसे दलों के लिए।

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