नाइजर में रिहा हुए झारखंडी मजदूरों से आजसू प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात, मजदूरों को झारखंड में रोजगार देने की मांग
नाइजर अपहरण मामले में आज आजसू पार्टी के नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल गिरिडीह जिले के बगोदर पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल में गोमिया के पूर्व विधायक लंबोदर महतो, केंद्रीय महासचिव संजय मेहता, केंद्रीय महासचिव यशोदा देवी, बगोदर विधानसभा प्रभारी अनूप पांडेय, जिला परिषद सदस्य एवं पार्टी के वरिष्ठ नेता छक्कन महतो तथा प्रताप सिंह शामिल थे। इस अवसर पर दोंदलों पंचायत के मुखिया तुलसी तलवार एवं सामाजिक कार्यकर्ता सिकंदर अली भी उपस्थित रहे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!प्रतिनिधिमंडल ने दोंदलों पंचायत के राजू महतो, फलजीत महतो, चंद्रिका महतो, संजय महतो एवं मुंडरो पंचायत के उत्तम महतो से मुलाकात की तथा उनके परिजनों से भी भेंट कर उनका हाल-चाल जाना।
गौरतलब है कि 25 अप्रैल 2025 को पश्चिम अफ्रीकी देश नाइजर में इन पाँचों भारतीय मजदूरों का अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन द्वारा अपहरण कर लिया गया था। इस गंभीर और संवेदनशील मामले के सामने आते ही आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव एवं हजारीबाग लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी संजय मेहता ने विदेश मंत्रालय, नाइजर स्थित भारतीय दूतावास तथा दिल्ली स्थित नाइजर दूतावास से लगातार संपर्क स्थापित किया। इस क्रम में उन्होंने दिल्ली जाकर नाइजर दूतावास में ज्ञापन भी सौंपा और सतत वार्ता की। साथ ही, इस मानवीय संकट के समाधान हेतु एक अफ्रीकी एनजीओ की सहायता भी ली गई।
अपहरणकर्ता इन मजदूरों को आठ माह 11 दिन तक अपने चंगुल में रखे हुए थे। निरंतर और सफल वार्ता के बाद अंततः सभी मजदूरों को रिहा कराया गया। मुंबई में स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक औपचारिकताओं के पश्चात अब सभी मजदूर सुरक्षित अपने-अपने घर पहुँच चुके हैं।
आजसू पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात के दौरान सभी मजदूरों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया और उनके साहस, धैर्य एवं संयम की सराहना करते हुए उन्हें ढांढस बंधाया। प्रतिनिधिमंडल ने परिवारजनों को यह भी आश्वस्त किया कि पार्टी भविष्य में भी हर आवश्यकता के समय उनके साथ खड़ी रहेगी। पार्टी सरकार से इन्हें झारखंड में रोजगार देने की मांग करेगी।
आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव एवं हजारीबाग लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी संजय मेहता ने इस अवसर पर कहा कि नाइजर में अपहृत हमारे झारखंड के पाँचों मजदूरों की सुरक्षित वापसी हम सभी के लिए अत्यंत राहत और संतोष का विषय है। यह केवल एक प्रशासनिक या कूटनीतिक सफलता नहीं, बल्कि मानवता, धैर्य और निरंतर प्रयास की जीत है।
उन्होंने कहा कि अपहरण की सूचना मिलते ही हमने इस विषय को गंभीरता से लिया और विदेश मंत्रालय, नाइजर में भारतीय दूतावास, दिल्ली स्थित नाइजर दूतावास तथा अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा। इस पूरे संघर्ष के दौरान मजदूरों के परिवारों को यह भरोसा दिया गया कि आजसू पार्टी और हम स्वयं उनके साथ खड़े हैं, और जब तक सभी मजदूर सुरक्षित घर नहीं लौट आते, प्रयास जारी रहेंगे।
संजय मेहता ने मजदूरों के साहस और संयम की सराहना करते हुए कहा कि आठ माह 11 दिन तक आतंकियों के चंगुल में रहते हुए भी उन्होंने जिस मानसिक मजबूती और धैर्य का परिचय दिया, वह पूरे समाज के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि पार्टी भविष्य में भी पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी रहेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि उन्हें किसी भी प्रकार से झारखंड में नियोजित किया जा सके। इसके लिए संजय मेहता की ओर से प्रयास किए जाएंगे।
उन्होंने अंत में कहा कि यह घटना हमें यह सिखाती है कि संकट कितना भी बड़ा क्यों न हो, यदि प्रयास ईमानदार, निरंतर और मानवीय हों तो परिणाम सकारात्मक निकलता है। आजसू पार्टी आगे भी झारखंड के हर नागरिक के अधिकार, सुरक्षा और सम्मान के लिए संघर्ष करती रहेगी।
ग्रामीणों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस पूरे मामले में आजसू पार्टी द्वारा किए गए सतत एवं मानवीय प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की तथा प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत किया।

















