302 में 288 बालू घाट बंद, होल्डिंग टैक्स वसूली ठप, सड़क परियोजनाएं अधर में: बाबूलाल मरांडी

रांची: झारखंड में बालू घाटों के संचालन, होल्डिंग टैक्स वसूली और सड़क निर्माण परियोजनाओं की स्थिति को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर राज्य सरकार से इन मामलों में जवाबदेही तय करने और लंबित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने की मांग की है।
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य में 302 बालू घाटों की नीलामी होने के बावजूद 288 घाट बंद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आवश्यक स्वीकृतियों की प्रक्रिया लंबित रहने से बालू की उपलब्धता प्रभावित हो रही है। मरांडी ने पर्यावरणीय स्वीकृति, ग्रामसभा की अनुमति और अन्य वैधानिक प्रक्रियाओं में देरी के कारणों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। साथ ही, उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के सदस्य सचिव राजीव लोचन बक्शी की भूमिका और लंबित कार्यों का हिसाब देने की बात कही।
उन्होंने कहा कि केवल बालू घाटों की नीलामी से जनता की जरूरत पूरी नहीं होगी, बल्कि वैध घाटों से नियमित रूप से बालू की आपूर्ति भी सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने बालू की उचित दर और पारदर्शी परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
होल्डिंग टैक्स वसूली बंद रहने पर सवाल
मरांडी ने पथ निर्माण और नगर विकास विभागों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 21 अगस्त से होल्डिंग टैक्स की वसूली बंद है। पुरानी एजेंसी का समझौता समाप्त होने के बाद नई व्यवस्था तैयार नहीं किए जाने से राजस्व वसूली प्रभावित हो रही है। उन्होंने सरकार से वसूली बंद रहने की अवधि, इससे हुए राजस्व नुकसान और वैकल्पिक व्यवस्था की स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की।
1,410 करोड़ की सड़क परियोजनाओं पर मांगा हिसाब
नेता प्रतिपक्ष ने रांची की 1,410 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं के लंबित रहने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में देरी के कारण आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मरांडी ने संबंधित विभागों से परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति और प्रगति रिपोर्ट जारी करने की मांग की।
उन्होंने अधिकारियों की जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि महत्वपूर्ण परियोजनाओं और राजस्व से जुड़े कार्यों में देरी क्यों हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के बजाय सरकार की ओर से उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है।

आठ बिंदुओं पर कार्रवाई की मांग
बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री से आठ बिंदुओं पर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। इनमें 302 नीलाम बालू घाटों में से 288 के बंद रहने के कारणों और लंबित स्वीकृतियों की सूची सार्वजनिक करना, वैधानिक स्वीकृतियों के लिए समयसीमा निर्धारित करना तथा बालू की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करना शामिल है।
इसके अलावा, उन्होंने होल्डिंग टैक्स वसूली तत्काल बहाल करने, नई व्यवस्था की समयसीमा घोषित करने, राजस्व नुकसान का ब्योरा सार्वजनिक करने और रांची की सड़क परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट जारी करने की मांग की। उन्होंने बालू घाटों, होल्डिंग टैक्स और सड़क परियोजनाओं से संबंधित मासिक रिपोर्ट सार्वजनिक पोर्टल पर उपलब्ध कराने तथा लंबित मामलों की समीक्षा कर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई करने की भी मांग की।
मरांडी ने कहा कि जनता ने मुख्यमंत्री को राज्य की जिम्मेदारी सौंपी है, इसलिए सरकार को लंबित कार्यों पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा जनहित के मुद्दों पर समझौता नहीं करेगी और सरकार को बहाने बनाने के बजाय ठोस कार्रवाई कर जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

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