झारखंड आदिवासी विकास समिति नें धार्मिक सांस्कृतिक आक्रमण की घोर निंदा की.
रांची : आज झारखंड आदिवासी विकास समिति की आकस्मिक बैठक का आयोजन इंदिरा गांधी चौक चुटिया स्थित केंद्रीय कार्यालय में किया गया। बैठक में आदिवासी जनजातीय समुदाय के विभिन्न ऐतिहासिक धरोहरों पर आदिवासी विरोधी संगठनों द्वारा धार्मिक सांस्कृतिक आक्रमण की घोर निंदा की गई, एवं भाजपा विधायकों द्वारा आज सदन में झारखंडी परंपरा का उपहास उड़ाते हुए भगवाकरण करने की कोशिश की भी निंदा की गई।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!समिति जल्द ही सूतियांबे गढ़ एवं सीरा सीता नाला काकड़ो लता एवं लुगू बुरु घंटा बाड़ी के झारखंड राज्य सरकार द्वारा आदिवासी समाज की भावनाओं के हिसाब से विकास कराने को लेकर राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपेगी। आज की बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि समिति पदम श्री डॉ रामदयाल मुंडा एवं महाराज मदरा मुंडा की प्रतिमा निर्माण कर यथोचित स्थान पर उसे लगाएगी। समिति द्वारा चुटिया नागपुर जो कालांतर में छोटानागपुर हो गया उसकी स्मृति में बहु बाजार चौक में प्रवेश द्वार एवं पुराने नामकुम थाना के पास भव्य निकास द्वार बनाएगी।
आज की बैठक में विशेषकर आगामी 10 मार्च के राजभवन के समीप एक दिवसीय धरना कार्यक्रम को सफल बनाने की रणनीति बनाई गई। धरना का आयोजन झारखंड बचाओ अभियान के तहत किया जा रहा है एवं पहली बार झारखंड आदिवासी विकास समिति जमीन बचाने की लड़ाई को लेकर खुलकर मैदान में सामने आएगी। प्रभाकर नाग की अध्यक्षता में कार्यक्रम का संचालन किया गया।
कार्यक्रम को झारखंड आदिवासी विकास समिति के कार्यकारी अध्यक्ष जगन लिंडा, केंद्रीय उपाध्यक्ष सह संगठन प्रभारी क्रिस्टो कुजूर, केंद्रीय उपाध्यक्ष सह संगठन प्रभारी प्रवीण कच्छप, रांची जिला उपाध्यक्ष पतरस तिर्की, कोर कमेटी सदस्य अजय ओड़ेया, अनूप खलखो, बिरसा टोप्पो, सुरेश कच्छप, मंगल उरांव, जगलाल मुंडा, बसंत उरांव, दसवा उरांव रामा लोहरा एवं वार्ड नंबर 12 के लोकप्रिय पार्षद कुलभूषण डूंगडूंग शामिल थे।

















