उद्घाटन से पहले ही ध्वस्त हुआ पुल, ग्रामीणों में आक्रोश.
राँची : झारखण्ड की राजधानी रांची से महज 65-70 किमी दूर कांची नदी पर करोड़ों रुपए खर्च कर बना हेठबुढ़ाडीह और हाराडीह मंदिर को जोड़ने वाला पुल गुरुवार को ध्वस्त हो गया। ज्ञात हो कि इस पुल का शिल्यानास 2014 में और पुल को 2019 में आम जनों के लिए खोल दिया गया था जिसके दो वर्ष बीत जाने के बाद आज पुल ने अपना दम तोड़ दिया जिससे लगातार बारिश के कारण उसका एक पिलर नीचे दब गया। हालांकि इससे किसी जान माल को नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन बुंडू, तमाड़, सोनाहातू तथा राहे प्रखंड के सैकड़ों गांवों का संपर्क टूट गया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!ग्रामीणों की माने तो पुल निर्माण के दौरान छड़, सीमेंट वैगरह में अनियमितता बरती गई थी जिसको लेकर ग्रामीणों ने तमाड़ विधायक विकास कुमार मुंडा को बुलाया था जहां उन्होंने निरीक्षण भी किया था। लेकिन काम करवा रहे मुंशी विनोद सिंह ने एक ना सुनी और पुल का निमार्ण कार्य पूरा कर दिया। हालांकि इसका विधिवत उद्घाटन होना अभी बाकी है। पुल को देखने पर लगता है की ऐसे दो खंभा और ध्वस्त होने को हैं।इसके अलावा नियमित रूप से अवैध बालू उत्खनन भी इसका दूसरा कारण बताया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को बार बार कहने के वावजूद कोई कारवाई नहीं करना इसके उदासीन रवैया को भी एक कारण बताया जा रहा है अगर प्रशासन इस पर समय रहते ध्यान दे देती तो यह पुल की यह दशा नहीं होती। इसको लेकर ग्रामीणों ने रोष व्यक्त किया है और पुल की जल्द मरम्मती का आग्रह सरकार से किया है।
बुंडू, अमित दत्ता

















