flyover bridge

सैकड़ो करोड़ के रांची कांटाटोली फ्लाईओवर ब्रिज (flyover bridge) का काम हाँथ से छूटने के डर से कंपनी ने अधूरे सड़क निर्माण को पूर्ण करने में दिलचस्पी दिखाई !

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झारखण्ड में कंस्ट्रक्शन कंपनी कितनी मोती चमड़ी की हो गयी है इसका एक नमूना देखने को मिलता है चट्टी से कुडू रोड में। दरअसल यह काम जिस  दिनेशचंद्रा अग्रवाल इंफ्राकॉन  कंपनी को दिया गया था उस कंपनी ने उस काम को पूरा नहीं किया हालत ये हो गयी की रोड कई जगह से टूटने लगे। लेकिन रांची में मिले सैकड़ो करोड़ के फ्लाईओवर पूल (flyover bridge) के टेंडर का काम जब हाँथ से खिसकने लगा तब आख़िरकार कंपनी की नींद टूटी और रिवाइज  इस्टीमेट विभाग के पास भेजा है. ये मामला है    लोहरदगा जिला स्थित चट्टी से कुडु व कैरो नया टोली रोड के शेष कार्यो को पूर्ण करने का।   लोहरदगा पथ प्रमंडल ने इस कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दिया था, जिसके बाद कंपनी ने सड़क निर्माण को पूर्ण करने के लिए रिवाइज इस्टीमेट विभाग के पास भेजा है. क्युकी  इसी कंपनी को नगर विकास विभाग के अंतर्गत जुड़को ने कांटाटोली फ्लाईओवर के निर्माण का जिम्मा दिया है. इस कंपनी ने रांची में कार्य भी प्रारंभ किया है. इसी बीच पथ निर्माण विभाग ने इस कंपनी को चेतावनी जारी किया है

 

 ज्ञात हो करीब 36 किमी लंबी इस रोड के निर्माण का कार्य 2016-17 में ही कंपनी को दिया गया था. कंपनी ने काम भी किया पर 92 फीसदी कार्य के बाद काम छोड़ दिया. कई बार पथ निर्माण विभाग ने कंपनी को कार्य प्रारंभ करने का अनुरोध किया पर हर बार आश्वासन देकर कार्य को टालता रहा. तब विभाग ने  निर्माण कर रही कंपनी दिनेश चंद्रा आर अग्रवाल इंफ्राकॉन को ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी की जा रही है. लेकिन कंपनी को कोई फर्क नहीं पड़ा लेकिन जब कई सौ करोड़ के पूल का काम हाँथ से खिसकने की बारी आयी तो कंपनी के हाँथ -पांव फूलने लगे। दरअसल नगर विकास विभाग के अंतर्गत जुडको ने कांटाटोली फ्लाईओवर निर्माण का जिम्मा जिस कंपनी को सौंपा है लेकिन पथ निर्माण विभाग में उसका ट्रैक रिकार्ड में  ख़राब होने लगा क्युकी इस कंपनी को पहले झारखंड  में  एक महत्वपूर्ण सड़क के निर्माण का जिम्मा दिया गया था जो अब तक अधूरा पड़ा है. ऐसे में इस कंपनी को पथ निर्माण विभाग ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई प्रारंभ की गई है.अब जाकर कंपनी फिर से उस रोड का बचा हुआ निर्माण को पुनः करना चाहती है इसके लिए कंपनी ने विभाग को रिवाइज इस्टीमेट विभाग के पास भेजा है.

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यह कंपनी पथ निर्माण विभाग ने  गुजरात के मेट्रो शहर अहमहदाबाद के रजिस्ट्रड रोड कंस्ट्रक्शन के  नाम से रजिस्टर्ड है कंपनी झारखंड में सड़क निर्माण का काम लेने के बाद उसे पूर्ण नहीँ किया है,जिस वजह योजना लंबित रह गयी. हालात यह भी है कि कई जगह सड़क फिर से टूट भी रही है. पथ निर्माण विभाग ने लोहरदगा जिला अंतर्गत चट्टी से कुडू टाटी चौक तथा कैरो नया टोली से जिंगी मोड़ तक की 36 किमी लंबी सड़क को बनाने का जिम्मा मेसर्स दिनेश चंद्रा आर अग्रवाल इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड को 2016-17 में ही दिया था. कंपनी ने सड़क निर्माण का कार्य भी प्रारंभ किया. इंजीनियरों ने बताया कि प्रारंभ में सड़क निर्माण कार्य को अक्टूबर 2018 में ही पूर्ण करना था,लेकिन समय पर कार्य नहीं होने के बाद इसे हर हाल में 30 जून 2019 तक बनाने का लक्ष्य दिया गया. लेकिन कार्य पूर्णता की तिथि से तीन साल 7 माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अभी तक 92 फीसदी ही काम हुआ है. पथ निर्माण विभाग ने कई बाद संवेदक को समय पर काम पूर्ण करने का निर्देश दिया है,पर स्थिति यह है कि अभी कई महीनों से संवेदक ने इस पर काम बंद कर रखा है. सिर्फ आश्वासन दे रहा है कि काम प्रारंभ करेंगे पर काम शुरू नहीं कर रहा है. ऐसे में पथ निर्माण विभाग ने संवेदक को नोटिस जारी किया है. समय पर काम प्रारंभ नहीं हुआ तो कंपनी को डिबार किया जाएगा. इसके बाद भी काम शीध्र नहीं शुरू किया गया तो एकरारनामा रद करते हुए कंपनी को काली सूची में डालने की अनुसंसा उच्च अधिकारियों से की जाएगी. कंपनी ब्लैक लिस्ट हुई तो झारखंड में दूसरा काम नहीं कर पाएगी. लेकिन्कंपनि को डर सताने लगा की झारखण्ड में उसका दूसरा काम छूट जायेगा उसे काफी बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है कंपनी  को सैकड़ो करोड़ के कांटाटोली वाला पूल बनाने का काम मिला हुआ है ऐसे में कम्पनी ने विभाग से गुहार लगाई है की वो काम करने को तैयार है। 

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