झारखण्ड में ट्रिपल मर्डर जिसमे महिला पुलिस कॉन्स्टेबल सविता रानी हेम्ब्रम की हत्या शामिल (Triple murder in Jharkhand)
Triple murder in Jharkhand
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!झारखण्ड में ट्रिपल मर्डर की घटना सामने आयी है। गोलमुरी थाना अंतर्गत पुलिस लाईन स्थित एक फ्लैट से महिला पुलिस कॉन्स्टेबल सविता रानी हेंब्रम समेत उसकी बेटी गीता हेंब्रम और माँ लाखिया मुर्मू की हत्या कर दी गई. गुरुवार की शाम तीनों का शव सरकारी क्वार्टर के भीतर मिला. पुलिस इस तिहरे हत्याकांड मामले की जांच में जुटी हुई है. हत्या कैसे और किसने की इसकी जानकारी पुलिस को नहीं मिल सकी है. पुलिस मामले की हर ऐंगल से जांच कर रही है.
दरअसल, पिछले दो दिनों से सविता के घर पर ताला लगा होने से आस पड़ोस के लोगों को कुछ शक हुआ. इस बीच परिवार वाले उसे बार-बार फोन कर रहे थे , परंतु फोन रिसीव नहीं हो रहा था। गुरुवार को घर से बदबू आने पर लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी. इसके बाद मौके पर पुलिस पहुंची और घर का ताल तुड़वाया. घर में प्रवेश करते ही सबके होश उड़ गए. तीन लाश वहां पड़ी हुई थी.
कयास लगाए जा रहे है कि महिला पुलिस कॉन्स्टेबल सविता रानी हेम्ब्रम, उसकी बेटी और उसकी मां की हत्या कर हत्यारा फ्लैट में ताला बंद कर फरार हो गया. हालांकि किसी को आते जाते लोगों ने भी नहीं देखा. अब यह ट्रिपल मर्डर मिस्ट्री पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गई है. घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी और अन्य पदाधिकारी पुलिस लाईन पहुंचे और आस-पड़ोस के लोगों से पूछताछ की. पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि तीनों महिलाओं का किसी से कोई विवाद तो नहीं था. मृत सविता के बारे में बताया जाता है कि वह विवाहित थी और कॉन्स्टेबल के पद पर एसएसपी कार्यालय में पदस्थापित थी.
सविता के पति कैलाश हेंब्रम की 14 साल पूर्व नक्सली वारदात में मौत हो गई थी, जिसके बाद झारखंड पुलिस में कॉन्स्टेबल की नौकरी उसको अनुकंपा के आधार पर मिली थी. सविता मूल रूप से सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर की रहने वाली है. पति की मौत के बाद उसे बड़ी मुश्किल से अनुकंपा पर नौकरी मिली थी. फ्लैट में वह अपनी 13 वर्ष की बेटी और अपनी मां के साथ रहती थी. हत्या की सूचना पाकर मौके पर पहुंची बागबेड़ा सोमायझोपड़ी निवासी बहन रानो मार्डी ने रोते हुए बताया कि अनुकंपा की नौकरी को लेकर ससुरालवालों से उसकी बहन का विवाद हुआ था. सास चाहती थी कि सविता के देवर को नौकरी मिले. सबिता मूल रूप से सरायकेला की रहनेवाली थी वहीं ससुराल के लोग डुमरिया में रहते हैं.

















