Illegal mining

पश्चिम बंगाल के वीरभूम में अवैध खनन (Illegal mining) से खनन माफिया हो रहे है मालामाल तापस कुमार यादव से मिल रहा सरक्षण !

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Illegal mining  SPL  Report

पश्चिम बंगाल के बीरभूम इन अवैध खदानों के मालिकों के प्रतिदिन लाखों की आमदनी का श्रोत बन गयी है . दरसअल बीरभूम जिले के नलहाटी के सिवपुर, बदलपुर और सालभादरा, पाचमी तथा कई ऐसे इलाके हैं जहां सैकड़ों की संख्या में अवैध खदान संचालित है और यहीं से यह पत्थर देश के विभिन्न इलाकों में भेजा जा रहा है इन अवैध खदानों के पास न तो खनन पट्टा है, न प्रदूषण अनापत्ति प्रमाण पत्र है और ना ही विस्फोटक अधिनियम के तहत किसी तरह का प्रमाण पत्र.

हैरान करनेवाली बातें सामने तब आई जब पता चला की अवैध कारोबार को चलाने के लिए एक संगठन कार्यरत है जिसके अध्यक्ष नलहटी निवासी तापस कुमार यादव उर्फ़ आनंद यादव है . उनका भी बीरभूम के नलहटी थाना अंतर्गत नसीबपुर में एक लंबा चौड़ा खनन का कारोबार है और इनके पास कोई वैध कागजात नहीं है. बताते चलें कि खनन पट्टे तथा पत्थर उद्योग संगठन के कथित अध्यक्ष के को इस बात की जबाबदेही है की चल रहे अवैध खनन के करिबर में कोई अड़चन ना आये इसकलए लिए चाहे पुलिस को मैनेज करना हो या फिर पॉलिटिक्स से अपना नाता जुड़ना हो सारा जिम्मा इन्ही पर है। इसलिए कहते है की इनका रुतबा भी काफी है। सवाल है कि इस तरह के अवैध खनन का कारोबार बीरभूम जिले के कई इलाकों कैसे संचालित हो रहा है पुलिस क्या कर रही है। माइंस के अधिकारी क्या कर रहे है।

पश्चिम बंगाल के वीरभूम में अवैध खनन (Illegal mining) से खनन माफिया हो रहे है मालामाल तापस कुमार यादव से मिल रहा सरक्षण !
अवैध खनन का कारोबार

दूसरी ओर बीरभूम जिले में मयूराक्षी, बकरेस्वर, अजय और ब्राह्मणी नदियों के किनारे लगभग 80 अवैध रेत की खदानें हैं. जहां से प्रभावशाली ताकतवरों के समर्थन से ये काला कारोबार संचालित किया जाता है. पैसे के बिना कोई भी ट्रक अंदर या बाहर नहीं जा सकता है. जो लोग अवैध कार्यों के खिलाफ आवाज उठाते हैं उन्हें परेशान किया जाता है. जहां कई मशीनें लगी हुईं है लोग आधी रात में या फिर सूर्यास्त होने के बाद ही यहां काम करते हैं. नदियों से रेत निकाली जाती और डंपिंग ग्राउंड बनाया जाता है. जेसीबी के जरिए रेत को दूसरे टीलों में स्टोर किया जाता है जहां से रेत की अवैध तरीके से बिक्री की जाती है. अवैध खनन के बारे में सभी स्थानीय लोग जानते हैं लेकिन इसका विरोध करने की हिम्मत किसी में भी नहीं है. ये भी सबको पता है कि प्रशासन इस अवैध धंधे का पूरा समर्थन करता है. ब्राह्मणी के रास्ते में राष्ट्रीय राजमार्ग -14 पर रेत या पत्थर लदे ट्रकों की लंबी कतार और जहां ड्राइवरों को लोगों के एक समूह को पैसे देते भी देखा जा सकता है.

 

पश्चिम बंगाल के वीरभूम में अवैध खनन (Illegal mining) से खनन माफिया हो रहे है मालामाल तापस कुमार यादव से मिल रहा सरक्षण !

गौरतलब है की Nov 2022 को ही बीरभूम जिले के दुबराजपुर थाना पुलिस ने शुक्रवार सुबह ईंट की आड़ में अवैध रूप से कोयला तस्करी मामले में छापामारी अभियान चलाकर एक ट्रक भर्ती कोयला जब्त किया था। पुलिस अभियान के दौरान ट्रक चालक मौका देखकर फरार हो गया. पुलिस ने ट्रक में मौजूद कुल 15 टन कोयला जब्त किया था। वजबकि नवम्बर के महीने में ही बीरभूम जिले के सिउड़ी के बंशझोर गांव में बालू (रेत) के खनन के लिए घाट पर कब्जे को लेकर दो गुटों के बीच विवाद में एक युवक की कथित रूप से हत्या का मामला सामने आया है। खबर है कि इस घटना को केंद्र कर इलाके में रातभर बमबाजी की गई, जिससे दहशत का माहौल बना हुआ था

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