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RIMS:रिम्स में अब शुबह शाम दोनों समय मरीजों का होगा इलाज सुबह सीनियर डाक्टर तो शाम को रेजीडेंट्स वार्ड का राउंड लगाएंगे

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RANCHI : रांची के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स के इनडोर में एडमिट मरीजों को देखने के लिए सुबह सीनियर डॉक्टर तो जाते है। अब शाम में सीनियर रेजीडेंट्स को वार्ड में राउंड लगाना होगा। ये बातें रिम्स के प्रभारी निदेशक प्रो डॉ आरके गुप्ता ने कही ताकि मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराया जा सके। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी सेवाओं को दुरुस्त करना उनका लक्ष्य है। मरीजों को सभी सुविधा मिले इस उद्देश्य से कुछ कड़े कदम उठाये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गॉज, कॉटन, बैंडेज, ग्लव्स, सिरिंज, आईवी फ्लूइड इत्यादि उपलब्ध करा दिए गए हैं। सभी जरुरी दवाएं विभागों में उपलब्ध करा दी गयी है। अन्य दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। जिससे कि मरीजों को बाहर से दवा न खरीदना पड़े। रीएजेंट उपलब्ध करा दिया गया है और सम्बंधित जांच किया जा रहा है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि परिसर में क्लीनिकल विभाग में 23 स्थानों पर सैंपल कलेक्शन पॉइंट की स्थापना की गयी है। जिससे कि मरीज़ों को जांच के लिए इधर उधर भटकना ना पड़े।

ऐसी होगी हॉस्पिटल में व्यवस्था

प्रभारी निदेशक प्रो डॉ आरके गुप्ता ने बताया की रिम्स के इमरजेंसी एवं ट्रामा सेंटर में सुधार के लिए निर्देश दिया गया है। 18 वेंटीलेटर और सभी ऑक्सीजन प्वाइंट को एक्टिव किया गया है। इसके अलावा 24 घंटे हॉस्पिटल में डॉक्टरों की मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए रोस्टर तैयार किया गया है। हैंड ओवर व टेकओवर रिपोर्ट प्रति पाली में तैयार की जाएगी। वहीं नर्सों का ड्यूटी रोस्टर तैयार किया गया है। ड्यूटी नर्स रखेंगी दवाओं की उपलब्धता का हिसाब और हैंड ओवर रिपोर्ट में इसकी सूचना देंगी। ट्रामा सेंटर में प्रथम तल पर 20 आईसीयू बेड और 1 ऑपरेशन थिएटर तैयार किया जा रहा है। इनमें 12 बेड लगाये गए हैं और जल्द ही चालू कर दिया जाएगा। एमएस और डीएमएस प्रतिदिन इमरजेंसी की व्यवस्था की निगरानी करेंगे।

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