BABULAL MARANDI

BABULAL MARANDI : बाबूलाल मरांडी राज्य के कम हेमंत सोरेन को गंगा बहरा और अक्षम कहा साथ ही पूछा इस लाल डायरी में क्या है

BABULAL MARANDI  : जब से बाबूलाल मरांडी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बने है उनका जलवा और निखरता जा रहा है वो हर उस मुद्दे पर राज्य के CM हेमंत सोरेन को चोट कर रहे है जिसमे मुख्यमंत्री ने थोड़ी सी भी ढिलाई बरती है। और इसी क्रम में आज उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अयोग्य और अक्षम बताया है. उन्हें गूंगा, बहरा भी कहा है. सोशल मीडिया पर राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन का आभार जताते हुए कहा है कि सीएम हेमंत ने अपने राजनीतिक स्वार्थों और वोट बैंक की राजनीति के कारण आदिवासी समाज के अस्तित्व का सौदा कर दिया है. संथाल परगना में घुसपैठियों ने वहां की परंपरा, संस्कृति और पहचान को नष्ट करने का अभियान चलाया है. झामुमो के स्थानीय नेताओं के सहयोग से घुसपैठिये भारतीय नागरिक बन रहे हैं. राज्यपाल महोदय ने आदिवासियों की वेदना-पीड़ा को सुना है जिसके लिए वे उनका आभार व्यक्त करते हैं. राज्य का चुना हुआ अक्षम सीएम गूंगा, बहरा बना बैठा है.

जाहिर है की कि एक न्यूज एजेंसी से इंटरव्यू के क्रम में सीपी राधाकृष्णन ने चिंता जताते कहा है कि बांग्लादेशी घुसपैठिए झारखंड में तेजी से प्रवेश कर रहे हैं. इससे स्थानीय जनजाति समाज के सामने अपने अस्तित्व को बचाने का भी संकट खड़ा हो रहा है. घुसपैठिए जनजाति समाज की महिलाओं से शादी कर रहे हैं. यह सब खतरनाक स्थिति है. उन्होंने राज्य के सीएम और सीएम के साथ इस विषय को रखा है. आदिवासियों की परंपरा, रिवाज को बचाए जाने की जरूरत है.

बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया के जरियेलाल डायरीके मकड़जाल के बारे में भी चर्चा की है. उनके मुताबिक झारखंड में भी केन्द्रीय एजेंसियों को ऐसी ही डायरी हाथ लगी थी. छत्तीसगढ़ में भी “लाल डायरी” मिली. दिल्ली शराब घोटाला केस में सीबीआई को “लाल डायरी” मिली. अब राजस्थान के बर्खास्त मंत्री ललकार कर कह रहे हैं कि अगर मैं “लाल डायरी” खोल दूं तो अशोक गहलोत जेल में होंगे. बाबूलाल ने पत्रकार साथियों से लाल डायरी के रहस्य को सुलझाने में मदद मांगते पूछा है कि धन पशु लोग “लाल डायरी” पर ही विश्वास क्यों करते हैं? क्या विशेषता है इसमें?

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