थैलेसिमिया सेंटर का सदर अस्पताल गुमला में हुआ उद्घाटन।
थैलेसिमिया सेंटर का सदर अस्पताल गुमला में हुआ उद्घाटन
(Thalassemia Center inaugurated at Sadar Hospital Gumla)
सिकल सेल अनीमिया एवं थैलेसिमिया के मरीजों को मिलेगी बेहतर चिकित्सकीय सुविधा_
*सांसद सुखदेव भगत ने किया उद्घाटन, उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी और सिविल सर्जन रहे मौजूद*
*द विशिंग फैक्ट्री के सहयोग से मरीजों को मिलेगा नि:शुल्क इलाज*
*गुमला सेंटर में बच्चों के लिए विशेष सुविधाएं, सकारात्मक वातावरण और मानसिक सहारा प्रदान करने पर जोर*…
गुमला: आज गुमला जिले के सदर अस्पताल में एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा का उद्घाटन किया गया। जिले के थैलेसिमिया एवं सिकल सेल अनीमिया से पीड़ित मरीजों, खासकर बच्चों को बेहतर उपचार और मानसिक सहारा प्रदान करने के उद्देश्य से, जिला प्रशासन गुमला एवं NGO “द विशिंग फैक्ट्री” (The Wishing Factory) के संयुक्त प्रयास से *थैलेसिमिया- सिक्कल सेल एनीमिया ब्लड ट्रांसफ्यूजन सेंटर का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित लोहरदगा सांसद, सुखदेव भगत* के करकमलों से सेंटर का उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में *उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी, उप विकास आयुक्त दिलेश्वर महत्तो, सिविल सर्जन गुमला नवल कुमार, द विशिंग फैक्ट्री के चेयरमैन राजेश ठाकुर सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी कर्मी, मरीज एवं आम नागरिक* भी उपस्थित रहे।
*सांसद सुखदेव भगत* ने कहा, “यह थैलेसिमिया सेंटर जिले के बच्चों और उनके परिवारों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने और जरूरतमंद मरीजों तक बेहतर सुविधाएं पहुँचाने के लिए जिला प्रशासन और ‘द विशिंग फैक्ट्री’ का यह कदम प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन एवं द विशिंग फैक्ट्री के संयुक्त पहल से गुमला जैसे सुदूरवर्ती क्षेत्र के मरीजों को राहत मिलेगा, एवं इस सेंटर में अपने सगे परिजनों की तरह डॉक्टर्स एवं नर्स मरीजों की देखभाल करेंगे, उन्होंने उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के इस पहल एवं द विशिंग फैक्ट्री के सहयोग से प्रारंभ किए गए इस सेंटर के लिए उनके प्रति कृतज्ञता जाहिर की एवं उन्होंने कहा कि वे लोहरदगा सांसदिया क्षेत्र के अन्य क्षेत्रों में भी इस प्रकार के सेंटर का उद्घाटन करने का प्रयास करेंगे, उन्होंने यह भी कहा कि उनके द्वारा सांसद मद से भी हर संभव सहायता राशि इस थैलेसिमिया सिक्कल सेल सेंटर के बेहतरी के लिए प्रदान की जाएगी।”
इस अवसर पर *उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी* ने थैलेसिमिया सेंटर की विशेषताओं और इसके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “यह सेंटर बच्चों को एक बेहतर और सुरक्षित वातावरण में चिकित्सा सुविधा प्रदान करेगा। ‘द विशिंग फैक्ट्री’ के सहयोग से गुमला जिले को यह विशेष स्वास्थ्य सुविधा मिलना एक गौरव की बात है। यह संगठन पार्थ ठाकुर की सोच का परिणाम है, जिन्होंने स्वयं थैलेसिमिया और सिकल सेल अनीमिया जैसी गंभीर बीमारियों का सामना किया था, वे भले ही आज हमारे बीच नहीं रहें परंतु उनकी सोच को आगे बढ़ाते हुए, आज यह संगठन देश भर में 10 थैलेसिमिया सेंटर का संचालन कर रहा है। इस दौरान उपायुक्त ने भी द विशिंग फैक्ट्री के सहयोग के लिए उनके प्रति आभार प्रकट किया। इस दौरान उपायुक्त ने कार्यक्रम में उपस्थित थैलेसिमिया -सिक्कल सेल के मरीजों को उनके डॉक्टर्स एवं नर्स का भी परिचय दिया।”
*द विशिंग फैक्ट्री* की स्थापना *पार्थ ठाकुर* द्वारा जब उनकी उम्र लगभग 19 साल की थी तब गई थी, जो स्वयं थैलेसिमिया और सिकल सेल अनीमिया के मरीज थे। उनका सपना था कि हर थैलेसिमिया मरीज को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलें और किसी भी मरीज को अपनी बीमारी के कारण अकेलापन महसूस न हो। उनके निधन के बाद भी, उनकी सोच को NGO द्वारा आगे बढ़ाया जा रहा है। इस संगठन के साथ मिलकर देशभर के अलग-अलग जिलों में 10 सेंटर संचालित किए जा रहे हैं, संस्था के चेयरमैन राजेश ठाकुर द्वारा वर्तमान में उक्त संस्था का संचालन किया जा रहा है। और अब गुमला भी इस पहल का हिस्सा बन चुका है।
*सेंटर की विशेषताएं:*
– बच्चों के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया यह सेंटर 5 बेड की सुविधा के साथ आता है।
– चाइल्ड-फ्रेंडली वातावरण जिसमें टीवी और खेलने की चीजें उपलब्ध कराई गई हैं।
– मरीजों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देते हुए उन्हें एक सकारात्मक माहौल प्रदान करने का प्रयास किया गया है।
– सेंटर में एक डेडीकेटेड नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्यकर्मी उपलब्ध होंगे, जो मरीजों को लगातार देखभाल और आवश्यक सेवाएं प्रदान करेंगे।
इस थैलेसिमिया सेंटर की स्थापना से गुमला जिले के मरीजों को अब बेहतर चिकित्सकीय देखभाल मिलेगी और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा।


















